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अब पेंशनर्स को बैंक की लाइन से नहीं लगना, घर बैठे जमा हो जायेगा जीवन प्रमाण पत्र, सरकार ने शुरू किया DLC अभियान 4.0, समझें आसान प्रोसेस

Written by:Atul Saxena
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DLC-4.0 अभियान का लक्ष्य 2 करोड़ से ज्यादा पेंशनर्स तक यह डिजिटल सुविधा पहुंचाना है, सरकार का कहना है कि यह अभियान देश के 2000 से ज्यादा शहरों और कस्बों में चलाया जा रहा है, ताकि हर पेंशनभोगी तक डिजिटल सशक्तिकरण पहुंच सके। 
अब पेंशनर्स को बैंक की लाइन से नहीं लगना, घर बैठे जमा हो जायेगा जीवन प्रमाण पत्र, सरकार ने शुरू किया DLC अभियान 4.0, समझें आसान प्रोसेस

pensioners

पेंशनर्स के लिए नवम्बर का महीना बहुत कष्टकारी होता है उन्हें अपनी पेंशन जारी रखने के लिए खुद के जीवित होने का प्रमाण पत्र देना होता है इसके लिए उन्हें बैंकों के चक्कर लगाने होते हैं लम्बी लम्बी लाइन में खड़ा होना पड़ता है लेकिन अब उन्हें ऐसा करने की जरुरत नहीं है, पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अब उनके लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate – DLC) अभियान 4.0 की शुरुआत की है, इस अभियान के जरिये  देशभर के पेंशनर्स आसानी से घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan Patra) जमा कर सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने सोमवार को इस अभियान की शुरुआत की उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रिया को आसान बनाना है, जिससे उन्हें होने वाले कष्ट को सरकार कम कर सके,  इस अभियान में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), UIDAI, और NIC जैसी कई एजेंसियों ने हिस्सा ले रही हैं।

अब बैंक की लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं

डीएलसी 4.0 अभियान की सबसे बड़ी खासियत पेंशनर्स को लम्बी लाइन और सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति है, उल्लेखनीय है कि नवम्बर के महीने में अपने जीवित होने का प्रमाण देने के लिए पहले पेंशनर्स को हर साल बैंक या सरकारी दफ्तर जाकर फिजिकल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना पड़ता था,  लेकिन अब सरकार ने इस प्रक्रिया को  पूरी तरह डिजिटल कर दिया है, अब पेंशनर्स अपने मोबाइल फोन या लैपटॉप से ही Jeevan Pramaan App के जरिए यह काम कुछ ही मिनटों में कर सकते हैं।  उन्हें अपने स्मार्ट फोन में बस ऐप डाउनलोड करन होगा, आधार से फेस या फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन करना होगा और सर्टिफिकेट सबमिट करना होगा, सबमिट करने के बाद उनके फोन पर एक Certificate ID और PPO नंबर के साथ डाउनलोड लिंक मिल जाएगा।

 दिव्यांग पेंशनर्स और सुपर सीनियर के लिए खास सुविधा

मोदी सरकार ने  इस अभियान के तहत  80 साल से ऊपर के पेंशनर्स के लिए एक खास सुविधा दी है, अब उन्हें बैंक और पोस्ट ऑफिस दोनों ही डोरस्टेप सर्विस यानी घर जाकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा दे रहे हैं, इससे बुजुर्गों को लाइन में लगने की परेशानी नहीं होगी और पेंशन समय पर उनके अकाउंट में पहुंच जाएगी, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के एजेंट भी घर पर जाकर यह सेवा दे रहे हैं, जिससे सुपर सीनियर सिटिजन और दिव्यांग पेंशनर्स को राहत मिलेगी।

EPFO ने भी आसान कर दिया प्रोसेस

उधर EPFO ने भी पेंशनर्स के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का तरीका और भी आसान बना दिया है अब ईपीएफओ मेंबर अपने मोबाइल से फेस स्कैन कर सीधे सर्टिफिकेट सबमिट कर सकते हैं, यह सुविधा उन पेंशनर्स बुजुर्गों के लिए बहुत मददगार है जो शारीरिक परेशानी की वजह से घर से बाहर नहीं जा सकते। वे घर बिअठे ही इस सुविधा का लाभ उठकर अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं जिससे उन्हें मिलने वाली पेंशन में कोई व्यवधान नहीं आये।

घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट करें सबमिट

घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए पेंशनर्स को बस एक स्मार्टफोन और इंटरनेट की जरूरत होगी, इसके बाद कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे ।

  • सबसे पहले  वे अपने स्मार्ट फोन में Aadhaar Face RD App और Jeevan Pramaan App डाउनलोड करें
  • इसके बाद फेस RD ऐप में जाकर अपना फेस स्कैन करें।
  • Jeevan Pramaan App में आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालने के बाद OTP से वेरिफाई करें।
  • कैमरे से फोटो क्लिक करें और सबमिट करें।
  • कुछ ही मिनट बाद फोन पर सर्टिफिकेट सबमिट होने का मैसेज और डाउनलोड लिंक मिल जाएगा।
  • इस सर्टिफिकेट को प्रिंट निकाल कर अपने पास सुरक्षित रख लें ।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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