कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके बेटे और विधानसभा में एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया ने बुधवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनके पिता अपने राजनीतिक करियर के आखिरी चरण में हैं। यतींद्र ने कहा कि इस समय सिद्धारमैया को एक मजबूत विचारधारा और प्रगतिशील सोच वाले नेता की जरूरत है, जिसके वे मार्गदर्शक बन सकें। उन्होंने कैबिनेट सहयोगी सतीश जारकीहोली को ऐसा नेता बताया, जो कांग्रेस की विचारधारा को आगे बढ़ा सकते हैं।
पिछले कुछ महीनों से कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद में बदलाव की अटकलें जोरों पर हैं। चर्चा थी कि सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, सिद्धारमैया ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि वे पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे। यतींद्र के बयान ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है, क्योंकि उन्होंने जारकीहोली को कांग्रेस का भविष्य बताते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता की तारीफ की।
पंचायत और जिला पंचायत, संपन्न होने तक मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं
सिद्धारमैया ने हाल ही में मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावनाओं को भी टाल दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव, जैसे तालुक पंचायत और जिला पंचायत, संपन्न होने तक मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए ये चुनाव महत्वपूर्ण हैं और अदालत के आदेश के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा।
सिद्धारमैया के राजनीतिक करियर पर उठए सवाल
यतींद्र का यह बयान उस समय आया, जब वे और जारकीहोली एक ही कार्यक्रम में मौजूद थे। उनके इस बयान ने न केवल सिद्धारमैया के राजनीतिक करियर पर सवाल उठाए, बल्कि कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व के भविष्य को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। कर्नाटक की सियासत में आने वाले दिन और दिलचस्प होने वाले हैं, क्योंकि यह बयान पार्टी के आंतरिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।





