विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में विशेष ग्रहण पुनरीक्षण (SIR), ईडी की छापेमारी और IPAC को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, “आयोग ने बंगाल में लापरवाही और बिना सोचे समझे तरीके से स्पेशल इंटेंसिव डिवीजन किया। वोटर लिस्ट से करीब 58 लाख नाम हटा दिए गए। अब “लॉजिस्टिक्स डिस्क्रिप्टिव” नाम की एक नई कैटेगरी बनाई गई है। जिससे 1.36 वोटर्स को सुनवाई का सामना करना पड़ रहा है। अब तक ECI ने नाम की पूरी लिस्ट जारी नहीं की है।”
सीएम ने भाजपा पर लोकतंत्र पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, “वे राजनीतिक हितों के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। जिसमें चुनावी सूची से वैध मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाना भी शामिल है। उनका सीधा मकसद बंगाल की आवाज को दबाना है।”
माइक्रो ऑब्जर्वर्स की नियुक्ति को लेकर कही ये बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि, “माइक्रो ऑब्जर्वर्स सिर्फ बंगाल में तैनात किए गए। इन लोगों को बीजेपी का वफादार माना जाता है। अब वह बंगाल के लोकतांत्रिक भविष्य में दखल दे रहे हैं।” बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, “चुनावी संशोधन के नाम पर जो किया जा रहा है, वह असल में अपमान और बहिष्कार का एक क्रूर अभियान है। असली वोटर्स को डराया धमकाया जा रहा है, थकाया जा रहा है। उन्हें वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा।” इसके अलावा उन्होंने फोर्ट विलियम कमांडेंट को भाजपा के लिए काम करने का आरोप भी लगाया है।
Acting at the behest of @BJP4India, @ECISVEEP has repeatedly shifted goalposts, issuing fresh notifications on its app, rolling out new instructions, and arbitrarily altering timelines without any consultative process involving the public or political stakeholders. This ad hoc… pic.twitter.com/M2uNt3Lr0v
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) January 13, 2026
फॉर्म 7 से भरी गाड़ी पकड़ी गई
बांकुरा में तालडांगरा से खतरा की ओर जा रही गाड़ी में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में भरे हुए फॉर्म 7 दस्तावेज पाए गए। टीएमसी ने बीजेपी पर आरोप लगाए हैं। फॉर्म नाम, विवरण और आपत्तियां भी पहले sए भरी हुई थी। एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
इस मामले को ममता बनर्जी ने कहा, “बीजेपी अब दूसरे राज्यों के लोगों को लाकर हजारों फॉर्म 7 से भारी वाहनों को भेजकर असली मतदाताओं को बड़े पैमाने पर हटाने के लिए काम कर रही है। लोकतंत्र पर हमला बोला जा रहा है। बंगाल में तैनात माइक्रो ऑब्जर्व पर खुलेआम एआरओ और एईआरओ पर सबमिशन को स्वीकार करने के लिए दवाब डाल रहे हैं, जो खुद आयोग द्वारा बनाए गए चुनावी नियमों का उल्लंघन हैं।
दूसरी तरफ कोलकाता, हुगली और बांकुरा में फॉर्म 7 को लेकर भाजपा ने मोर्चा खोला है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग को कोई आपत्ति न होने के बावजूद जिला स्तर पर कार्यरत ईआरओ और एईआरओ फॉर्म नंबर 7 नहीं दे रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि यह काम ममता सरकार के इशारे पर हो रहा है।
Acting at the behest of @BJP4India, @ECISVEEP carried out SIR in Bengal in a reckless and ill-planned manner, resulting in the deletion of nearly 58 lakh names from the electoral rolls. When even this massive purge failed to satisfy BJP’s political objectives, a new and dubious… pic.twitter.com/sXNGTruOZ0
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) January 13, 2026
What unfolded in Bankura today exposes the BJP’s desperation in the clearest possible terms. A vehicle moving from Taldangra towards Khatra was found carrying a large number of pre-filled Form 7 documents meant for voter deletion. These were not blank forms. Names, details and… pic.twitter.com/Wq46fF2E2e
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) January 13, 2026





