12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया जारी है। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग और बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगा रही है। काग्रेस शुरुआत से ही SIR का विरोध कर रही है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समेत विपक्षी दल के कई नेता SIR को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं। इसके अलावा ममता बनर्जी और अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया को रोकने की बात कही है। अब राहुल गांधी ने फिर से SIR को लेकर बड़ा बयान दिया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि SIR कोई सुधार नहीं बल्कि थोपा गया जुल्म है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में ये बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिससे वोटर थक हार जाए और वोट चोरी बिना रोक-टोक जारी रहे।
SIR कोई सुधार नहीं, थोपा गया ज़ुल्म है- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि SIR के नाम पर देश भर में अफरा-तफरी मचा रखी है – नतीजा? तीन हफ्तों में 16 BLO की जान चली गई। हार्ट अटैक, तनाव, आत्महत्या- SIR कोई सुधार नहीं, थोपा गया ज़ुल्म है। ECI ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें नागरिकों को खुद को तलाशने के लिए 22 साल पुरानी मतदाता सूची के हज़ारों स्कैन पन्ने पलटने पड़ें। मक़सद साफ़ है- सही मतदाता थककर हार जाए, और वोट चोरी बिना रोक-टोक जारी रहे।
भारत दुनिया के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बनाता है, मगर भारत का चुनाव आयोग आज भी कागजों का जंगल खड़ा करने पर ही अड़ा है। अगर नीयत साफ़ होती तो लिस्ट डिजिटल, सर्चेबल और मशीन-रीडेबल होती और चुनाव आयोग 30 दिन की हड़बड़ी में अंधाधुंध काम ठेलने के बजाय उचित समय ले कर पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान देता।
SIR एक सोची-समझी चाल है- जहां नागरिकों को परेशान किया जा रहा है और BLO की अनावश्यक दबाव से मौतों को “कॉलैटरल डैमेज” मान कर अनदेखा कर दिया है। यह नाकामी नहीं, षड़यंत्र है- सत्ता की रक्षा में लोकतंत्र की बलि है।





