Hindi News

महाशिवरात्रि पर ईशा योग केंद्र में ‘भव्य भारत भूषण’ पुरस्कार की शुरुआत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सद्गुरु ने किया सम्मानित

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में 33वें महाशिवरात्रि उत्सव के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सद्गुरु ने पहली बार भव्य भारत भूषण पुरस्कार प्रदान किए। विज्ञान, कला, खेल और सामुदायिक सेवा में योगदान देने वाले दिग्गजों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को 25 भाषाओं में प्रसारित किया गया और दुनियाभर में 15 करोड़ से अधिक लोगों ने इसे देखा।
महाशिवरात्रि पर ईशा योग केंद्र में ‘भव्य भारत भूषण’ पुरस्कार की शुरुआत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सद्गुरु ने किया सम्मानित

तमिलनाडु के कोयंबटूर में स्थित ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित 33वें उत्सव के दौरान एक नई परंपरा की शुरुआत हुई। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सद्गुरु ने संयुक्त रूप से पहली बार भव्य भारत भूषण पुरस्कार प्रदान किए। इस समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सद्गुरु ने समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र केवल भूमि नहीं होता बल्कि उसके लोग राष्ट्र का निर्माण करते हैं। प्रेरित और समर्पित नागरिक ही महान भारत का निर्माण कर सकते हैं।

छह प्रमुख क्षेत्रों में किया गया सम्मान

भव्य भारत भूषण पुरस्कार उन विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित करने की पहल है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपने समर्पण और दूरदर्शिता से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष कॉरपोरेट, कला एवं साहित्य, खेल, सामुदायिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और संस्कृति जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रदान किया जाएगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नंबी नारायणन और किरण कुमार को भारत की तकनीकी प्रगति में उनके अग्रणी योगदान के लिए सम्मानित किया गया। भारतीय शास्त्रीय कला के क्षेत्र में अलारमेल वल्ली को नृत्य की परंपरा को संरक्षित रखने के लिए तथा एन. राजम को वायलिन वादन में उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

साइना नेहवाल और विक्रम संपत को मिला सम्मान

खेल के क्षेत्र में साइना नेहवाल को बैडमिंटन में उत्कृष्ट उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने के लिए सम्मानित किया गया। साहित्य एवं इतिहास के क्षेत्र में विक्रम संपत को भारतीय इतिहास को शोधपूर्ण और प्रमाणिक ढंग से प्रस्तुत करने के लिए सम्मान मिला।

भारतीय सशस्त्र बलों के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को ऑपरेशन सिंदूर में उनके साहस और नेतृत्व के लिए विशेष सम्मान दिया गया। इनमें एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (पश्चिमी वायु कमान, भारतीय वायुसेना), लेफ्टिनेंट जनरल ए.वी.एस. राठी (12 कोर, दक्षिणी कमान, भारतीय सेना) और वाइस एडमिरल आर.वी. गोखले (पश्चिमी नौसेना कमान, भारतीय नौसेना) शामिल थे।

आदियोगी भविष्य के लिए समाधान

सद्गुरु ने अपने संबोधन में आदियोगी के दर्शन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदियोगी अतीत के नहीं बल्कि भविष्य के हैं। उन्होंने जो दिया वह कोई विचारधारा नहीं बल्कि कल्याण की तकनीक है। आने वाले वर्षों में भीतर देखना ही मानवता के लिए समाधान का मार्ग बनेगा।

महाशिवरात्रि के इस विशेष आयोजन को एक साथ 25 भाषाओं में प्रसारित किया गया। दुनियाभर में 15 करोड़ से अधिक लोगों ने इस कार्यक्रम को देखा। कार्यक्रम पूरी रात चलता रहा और उपस्थित लोगों के लिए भोजन सहित सभी सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी।

काल भैरव की प्राण प्रतिष्ठा की घोषणा

सद्गुरु ने घोषणा की कि वर्ष 2026 के अंत तक ईशा योग केंद्र में काल भैरव की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने 18 फरवरी 2026 तक सभी के लिए इनर इंजीनियरिंग ऑनलाइन कार्यक्रम निःशुल्क उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। यह पहल लोगों को आध्यात्मिक विकास की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई है।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !