कांग्रेस (Congress) लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साध रही है। कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने RSS को बैन करने की बात कही थी और अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने संघ पर निशाना साधते हुए प्रतिबंध लगाने की बात कही है। खरगे ने कहा कि देश में कानून व्यवस्था की बिगड़ती गतिविधियों के लिए संगठन जिम्मेदार है इसलिए इस पर बैन लगाना चाहिए। ये मेरे व्यक्तिगत विचार हैं।
बता दें कि आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 41वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर खड़गे ने कहा कि ‘लौह पुरुष’और ‘आयरन लेडी’ दोनों ने भारत की एकता और अखंडता के लिए काम किया। खरगे ने सरदार पटेल के 1948 में जारी लेटर का जिक्र करते हुए संघ पर निशाना साधा।
उन्होंने दो टूक कहा कि ये मेरे निजी विचार हैं और मैं खुले तौर पर कहता हूं कि RSS पर प्रतिबंध लगना चाहिए। अगर प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल के विचारों का सम्मान करते हैं, तो ऐसा किया जाना चाहिए। देश में सभी गलतियां और यहां कानून-व्यवस्था की सभी समस्याएं भाजपा और संघ की देन हैं।
नेहरू और सरदार पटेल को लेकर खरगे ने क्या कहा?
खरगे ने कहा कि RSS के लोग हमेशा पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल के बीच हमेशा विवाद की बात करते रहते हैं, जबकि दोनो में काफी अच्छे संबंध थे और मौके-मौके पर एक दूसरे की तारीफ ही करते हुए नजर आते थे। नेहरू ने हमेशा ही देश को एक सूत्र में बांधने के लिए पटेल की तारीफ की। खरगे ने कहा कि सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो वह नहीं मिटेगा। NCERT की पाठ्यपुस्तकों में इतिहास और सच्चाई को छिपाया जा रहा है। सरकारी कर्मचारियों के RSS में सक्रिय सदस्य बनने पर रोक वल्लभभाई पटेल के समय में लगी थी।
सरदार पटेल ने किया था संघ को बैन!
खरगे ने एक बार फिर सरदार पटेल के पत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि रदार पटेल ने 4 फरवरी 1948 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक पत्र लिखा, जिस पत्र में उन्होंने ये कहा कि महात्मा गांधी मृत्यु पर RSS वालों ने हर्ष प्रकट किया और मिठाई बांटी, उससे यह विरोध और बढ़ गया। इन हालत में सरकार के पास संघ के खिलाफ कदम उठाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।
उन्होंने आगे कहा कि उस पत्र में साफ लिखा था कि RSS और हिंदू महासभा की राजनीति के कारण जैसा माहौल देश में बना उसी की वजह गांधी जी की हत्या की वजह बनी। इसके बाद सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगा दिया था।





