Hindi News

संसद मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार, बिहार वोटर लिस्ट पर विपक्ष का जोरदार विरोध

Written by:Vijay Choudhary
Published:
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी, डीएमके, टीएमसी और अन्य दलों के सांसदों ने संसद भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर 'संविधान बचाओ', 'लोकतंत्र बचाओ' जैसे नारे लगाए।
संसद मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार, बिहार वोटर लिस्ट पर विपक्ष का जोरदार विरोध

संसद में विरोध-प्रदर्शन

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन (मंगलवार, 22 जुलाई) भी विपक्ष के विरोध और नारेबाजी की भेंट चढ़ गया। बिहार में वोटर लिस्ट की जांच (SIR) के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने संसद के अंदर और बाहर जमकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब की मांग की गई। लेकिन शोर-शराबे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

बिहार SIR पर गरमाया माहौल

बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी, डीएमके, टीएमसी और अन्य दलों के सांसदों ने संसद भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर ‘संविधान बचाओ’, ‘लोकतंत्र बचाओ’ जैसे नारे लगाए। उनका आरोप है कि SIR के बहाने वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ की जा रही है। वहीं राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों ने SIR के खिलाफ आवाज़ बुलंद की और चर्चा की मांग करते हुए वेल में आकर नारेबाजी की।

ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग

विपक्ष ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें अमरनाथ यात्रियों पर हमला किया गया था, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में आतंकियों के ठिकानों पर की गई कार्रवाई पर भी सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी सांसदों ने कहा कि इन संवेदनशील मुद्दों पर प्रधानमंत्री को संसद में आकर स्वयं बयान देना चाहिए।

लोकसभा-राज्यसभा कई बार स्थगित

सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया और इसे दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दोबारा जब कार्यवाही शुरू हुई तो फिर से हंगामा हुआ और 2 बजे तक फिर स्थगन का ऐलान किया गया। आखिरकार दिनभर शांति न होने के चलते दोनों सदनों को बुधवार, 23 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल विरोध प्रदर्शन कर संसद का समय और जनता का पैसा बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि गंभीर मुद्दों पर बहस होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष शोरशराबे के जरिए संसदीय प्रक्रिया को बाधित कर रहा है।

दिनभर चली रणनीतिक बैठकों की सियासत

दूसरे दिन की कार्यवाही से पहले संसद भवन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों ने बैठक की। वहीं I.N.D.I.A. गठबंधन के नेताओं की भी अलग बैठक हुई, जिसमें सदन में संयुक्त रणनीति तय की गई। मानसून सत्र का दूसरा दिन भी बिना किसी प्रोडक्टिव चर्चा के बीत गया। संसद का मंच, जहां कानून बनते हैं और राष्ट्रीय मुद्दों पर विमर्श होता है, वह राजनीतिक रस्साकशी और विरोध के कारण ठप पड़ा रहा। अब निगाहें बुधवार (23 जुलाई) पर टिकी हैं कि क्या संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से चल पाएगी या हंगामा जारी रहेगा।

Vijay Choudhary
लेखक के बारे में
पछले पांच सालों से डिजिटल पत्रकार हैं. जुनूनी न्यूज राइटर हैं. तीखे विश्लेषण के साथ तेज ब्रेकिंग करने में माहिर हैं. देश की राजनीति और खेल की खबरों पर पैनी नजर रहती है. View all posts by Vijay Choudhary
Follow Us :GoogleNews