Hindi News

भारत में हैं इतने जिले, इसके बिना अधूरा है देश का विकास!

Written by:Sanjucta Pandit
Published:
पिछले आर्टिकल्स में हम आपको भारत के विभिन्न शहरों से रूबरू करवा चुके हैं, जो अपनी अलग-अलग खासियत के लिए मशहूर है। आज हम आपको भारत में स्थित कुल जिलों के बारे में बताएंगे, जिनकी पहचान स्थानीय स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक है।
भारत में हैं इतने जिले, इसके बिना अधूरा है देश का विकास!

भारत का हर एक शहर अलग-अलग खासियत के लिए प्रसिद्ध है। कुछ शहरों को विश्व भर में जाने जाते हैं, तो कुछ शहर ऐसे भी हैं जो गुमनाम है। कुछ शहर में धार्मिक पर्यटन स्थल उनकी शोभा बढ़ाते हैं, तो कुछ शहर ऐसे भी है जहां खाने पीने की चीज लोगों को खींच लाती है। कोई शहर ऐसा है, जहां समुद्री लहरें लोगों को मानसिक शांति पहुंचती है, तो कुछ शहर पहाड़ की वादियों से घिरे हुए हैं। इन शहरों को देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं। यहां का रहन-सहन, खान-पान, सुंदरता, आकर्षक शैली, संस्कृति, परंपरा लोगों मन मोह लेती है।

पिछले आर्टिकल्स में हम आपको भारत के विभिन्न शहरों से रूबरू करवा चुके हैं, जो अपनी अलग-अलग खासियत के लिए मशहूर है। आज हम आपको भारत में स्थित कुल जिलों के बारे में बताएंगे, जिनकी पहचान स्थानीय स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक है।

प्रशासनिक व्यवस्था

भारत इतना बड़ा देश है कि इसकी झलक केवल क्षेत्रफल में नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं में भी देखने को मिलती है। यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, आबादी और भौगोलिक विविधता को मैनेज करने के लिए जाना जाता है। जिसमें राज्य, जिले, शहर और गांव जैसी कई इकाइयां शामिल है। यहां पर लोगों को सुविधा पहुंचाने के लिए सरकारी योजनाओं का विस्तार किया जाता है। लोगों के बीच जागरुकता फैलाई जाती है, ताकि वह इनका लाभ उठा सके।

भारत में कुल जिले

बात करें अगर जिलों की, तो भारत में यह संख्या लगातार बदलती रहती है। नए राज्य बनने या बड़े जिले को छोटे समूहों में बांटने से यह संख्या घटती-बढ़ती रहती है। नेशनल पोर्टल ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में कुल जिलों की संख्या 780 है, जो कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में बंटी हुई है, जहां अधिकारियों द्वारा निम्न स्तर पर ही सारी समस्याओं को सुलझा लिया जाता है, ताकि देश के विकास में किसी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न ना हो और कोई भी नागरिक अपने अधिकारों से वंचित ना रहे।

जिलों को बनाने का उद्देश्य

यहां सरकारी योजनाओं का लोगों को लाभ दिया जाता है। राजस्व इकट्ठा किया जाता है। इसके अलावा, कानून व्यवस्था को बरकरार रखने की तमाम कोशिश से की जाती है। इसके लिए सख्त नियम कानून भी बनाए जाते हैं। बता दें कि एक जिले में कई शहर, कस्बा और गांव शामिल होते हैं। जिलों का निर्माण सरकार चलाने के लिए किया गया है, जो कि प्रशासनिक इकाई है। दरअसल, इतनी बड़ी आबादी को सरकार द्वारा अकेले मैनेज कर पाना संभव नहीं होता है, इसलिए जिले बनाएं जाते हैं, ताकि प्रशासनिक अधिकारी सही ढंग से लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा सके।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
Follow Us :GoogleNews