Hindi News

ममता बनर्जी की करीबी काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, कारण जानकर रह जाएंगे दंग!

Written by:Ankita Chourdia
Published:
ममता बनर्जी की करीबी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। दरअसल CM शुभेंदु अधिकारी से भेंट के बाद लिए गए इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ममता बनर्जी की करीबी काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, कारण जानकर रह जाएंगे दंग!

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। दरअसल ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ सांसद और ऑल इंडिया तृणमूल महिला कांग्रेस विंग की अध्यक्ष काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से अचानक इस्तीफा दे दिया है, जिससे सियासी गलियारों में जबरदस्त हड़कंप मच गया है। उनके इस फैसले ने सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं को ही नहीं, बल्कि समूचे राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को सकते में डाल दिया है।

दरअसल बुधवार (27 मई, 2026) को काकोली घोष दस्तीदार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा की। इस पोस्ट में उन्होंने पार्टी के भीतर आंतरिक कामकाज पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपनी निराशा को सार्वजनिक रूप से सामने रखा। अपने इस्तीफे पत्र में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभीर आरोपों और घटनाओं ने उनके अंतर्मन को गहराई से विचलित किया है, जिसके चलते पद पर बने रहना उनके लिए अब संभव नहीं था।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। दरअसल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ सांसद और ऑल इंडिया तृणमूल महिला कांग्रेस विंग की अध्यक्ष काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से अचानक इस्तीफा दे दिया है, जिससे सियासी गलियारों में जबरदस्त हड़कंप मच गया है। उनके इस फैसले ने सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं को ही नहीं, बल्कि समूचे राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को सकते में डाल दिया है।

दरअसल बुधवार (27 मई, 2026) को काकोली घोष दस्तीदार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा की। इस पोस्ट में उन्होंने पार्टी के भीतर आंतरिक कामकाज पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपनी निराशा को सार्वजनिक रूप से सामने रखा। अपने इस्तीफे पत्र में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभीर आरोपों और घटनाओं ने उनके अंतर्मन को गहराई से विचलित किया है, जिसके चलते पद पर बने रहना उनके लिए अब संभव नहीं था।

पत्र में कई गंभीर मुद्दे उठाए

दस्तीदार ने अपने पत्र में कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने बताया कि महिला सांसदों के प्रति एक अन्य शिक्षित महिला सांसद के अनुचित बर्ताव को रोक पाना उनके लिए संभव नहीं हो पाया, और न ही इस मामले में उन्हें शीर्ष नेतृत्व से पर्याप्त सहयोग और सहानुभूति मिली। ऐसी स्थिति में, उन्होंने कहा, पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने राशन वितरण में भ्रष्टाचार, शिक्षक भर्ती घोटाले और विभिन्न वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं का जिक्र किया, जिन्होंने आम लोगों के भीतर गहरा आक्रोश और अविश्वास पैदा किया है।

आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले पर भी प्रतिक्रिया दी

इतना ही नहीं, टीएमसी सांसद ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की संदिग्ध मृत्यु और उस घटना से जुड़े सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने समाज को झकझोर कर रख दिया है और अत्यंत दुखी किया है, और उन्होंने निजी रूप से इन नैतिक प्रभावों को बहुत गहराई से महसूस किया है। काकोली घोष दस्तीदार ने IPAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी) से जुड़े कई चिंताजनक आरोपों पर भी सवाल उठाए, जिनमें कई लोगों और समूहों के प्रभाव की बातें शामिल हैं, जो उन्हें लगातार परेशान करती रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति के स्थान पर धीरे-धीरे अपारदर्शी और अलोकतांत्रिक प्रभाव संगठन पर हावी होने लगें, तो इसे पार्टी के आदर्शों और परंपराओं के लिए लाभकारी नहीं माना जा सकता।

हालांकि, अपने इस बड़े फैसले के साथ ही काकोली घोष दस्तीदार ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी निजी शिकायत या कटुता से प्रेरित नहीं है, बल्कि वह इसे पार्टी, लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी के तहत ले रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं। तृणमूल कांग्रेस की एक आम कार्यकर्ता के रूप में वह लोगों के साथ खड़े रहने और बंगाल के हित में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेंगी। यह बयान एक तरफ जहां पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष को उजागर करता है, वहीं दूसरी ओर उनके भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर अटकलों को भी जन्म देता है।

पत्र में कई गंभीर मुद्दे उठाए

दस्तीदार ने अपने पत्र में कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने बताया कि महिला सांसदों के प्रति एक अन्य शिक्षित महिला सांसद के अनुचित बर्ताव को रोक पाना उनके लिए संभव नहीं हो पाया, और न ही इस मामले में उन्हें शीर्ष नेतृत्व से पर्याप्त सहयोग और सहानुभूति मिली। ऐसी स्थिति में, उन्होंने कहा, पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने राशन वितरण में भ्रष्टाचार, शिक्षक भर्ती घोटाले और विभिन्न वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं का जिक्र किया, जिन्होंने आम लोगों के भीतर गहरा आक्रोश और अविश्वास पैदा किया है।

आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले पर भी प्रतिक्रिया दी

इतना ही नहीं, टीएमसी सांसद ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की संदिग्ध मृत्यु और उस घटना से जुड़े सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने समाज को झकझोर कर रख दिया है और अत्यंत दुखी किया है, और उन्होंने निजी रूप से इन नैतिक प्रभावों को बहुत गहराई से महसूस किया है। काकोली घोष दस्तीदार ने IPAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी) से जुड़े कई चिंताजनक आरोपों पर भी सवाल उठाए, जिनमें कई लोगों और समूहों के प्रभाव की बातें शामिल हैं, जो उन्हें लगातार परेशान करती रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति के स्थान पर धीरे-धीरे अपारदर्शी और अलोकतांत्रिक प्रभाव संगठन पर हावी होने लगें, तो इसे पार्टी के आदर्शों और परंपराओं के लिए लाभकारी नहीं माना जा सकता।

हालांकि, अपने इस बड़े फैसले के साथ ही काकोली घोष दस्तीदार ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी निजी शिकायत या कटुता से प्रेरित नहीं है, बल्कि वह इसे पार्टी, लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी के तहत ले रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं। तृणमूल कांग्रेस की एक आम कार्यकर्ता के रूप में वह लोगों के साथ खड़े रहने और बंगाल के हित में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेंगी। यह बयान एक तरफ जहां पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष को उजागर करता है, वहीं दूसरी ओर उनके भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर अटकलों को भी जन्म देता है।

Ankita Chourdia
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews