विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए मनोविज्ञान, पोषण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी विषयों की पढ़ाई पर ऑनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। नया नियम जुलाई–अगस्त 2025 के शैक्षणिक सत्र से लागू होगा।
यूजीसी के इस निर्णय का मुख्य कारण इन कोर्सेस में व्यावहारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है, जो ऑनलाइन या डिस्टेंस मोड में प्रभावी रूप से नहीं दी जा सकती है। विशेष रूप से क्लिनिकल साइकोलॉजी जैसे क्षेत्रों में क्वालिटी स्टैंडर्स को बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है
UGC ने इन विषयों को लेकर लिया बड़ा निर्णय
UGC की 24वीं डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो वर्किंग ग्रुप मीटिंग की सिफारिशों पर यह निर्णय 23 जुलाई 2025 को यूजीसी की 592वीं बैठक में मंजूर किया गया। इसके तहत नए शैक्षणिक सत्र में इसमें मनोविज्ञान, पोषण विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स जैसे विषय शामिल हैं। यह निर्णय जुलाई-अगस्त 2025 से शुरू होने वाली शैक्षणिक सत्र से प्रभावी होगा
नए सत्र से बंद होंगे ये ऑनलाइन कोर्स
इस फैसले के बाद मनोविज्ञान में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्तर पर ये विषय अब ऑनलाइन या ODL मोड में उपलब्ध नहीं होगा। यदि कोई प्रोग्राम (जैसे बीए) में मनोविज्ञान एक स्पेशलाइजेशन है तो सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी स्पेशलाइजेशन ही बंद होंगे..जबकि अन्य गैर-स्वास्थ्य विषय (जैसे अंग्रेजी, इतिहास आदि) जारी रहेंगे। इसमें फूड एंड न्यूट्रिशन साइंस, क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स जैसे कोर्स प्रभावित होंगे। ये सभी कोर्स नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस (NCAHP) एक्ट, 2021 के तहत आते हैं। UGC ने स्पष्ट किया है कि कोई भी उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) इन प्रोग्राम्स को 2025 सत्र से आगे ऑफर नहीं कर सकेगा।
यूजीसी ने उन संस्थानों को दी गई मान्यता वापस लेने का निर्देश दिया है जो पहले ही इन कोर्स को चलाने की अनुमति प्राप्त कर चुके थे। हालांकि, वर्तमान में नामांकित छात्रों पर इस फैसले का कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन नए सत्र में नए एडमिशन पूरी तरह से बंद हो जाएंगे।





