वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। अपने नौवें बजट भाषण में उन्होंने महिला उद्यमियों और छात्राओं के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं का ऐलान किया। इन योजनाओं में ‘शी-मार्ट’ रिटेल आउटलेट की स्थापना और देशभर में छात्राओं के लिए छात्रावास सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
इन घोषणाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भागीदारी को सुगम बनाना है। सरकार इन योजनाओं को राज्य सरकारों के साथ मिलकर लागू करेगी।
महिला उद्यमियों के लिए ‘शी-मार्ट’
बजट में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए ‘शी-मार्ट’ (She-MARTS) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि ये मार्ट सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक संगठित मंच प्रदान करना है। इस पहल को साकार करने के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ साझेदारी करेगी।
हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल
बजट में एक और बड़ी महिला-केंद्रित पहल छात्राओं के लिए छात्रावास सुविधाओं का निर्माण है। निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि हर जिले में लड़कियों के लिए एक हॉस्टल स्थापित किया जाएगा। इसके लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) और पूंजीगत सहायता प्रदान की जाएगी।
“उच्च शिक्षा, विशेषकर STEM संस्थानों में, पढ़ाई के लंबे घंटे और प्रयोगशाला में काम करने की वजह से छात्राओं को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।” — निर्मला सीतारमण
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि हॉस्टल जैसी सुविधाओं की कमी के कारण महिलाओं को अक्सर उच्च शिक्षा जारी रखने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। यह कदम उन्हें बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी करने में मदद करेगा।
नए अकादमिक क्लस्टर और यूनिवर्सिटी टाउनशिप
बजट में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स गलियारों के पास नए अकादमिक क्लस्टर बनाने की भी बात कही। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के आसपास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने में राज्यों का सहयोग करेगी।” इन क्षेत्रों में कई कॉलेज, संस्थान, अनुसंधान केंद्र, कौशल केंद्र और आवासीय परिसर होंगे।
यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट था, जो एक रिकॉर्ड है। इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम पर दर्ज सर्वाधिक 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच गई हैं।





