26 अगस्त को वैष्णो देवी में भूस्खलन होने के बाद यात्रा को बंद कर दिया गया था। दरअसल, इस भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। लगभग 7 दिन हो चुके हैं और वैष्णो देवी की यात्रा अभी भी बंद है। यात्रा में गए 500 से ज्यादा श्रद्धालु अभी भी कटरा में हैं। इन श्रद्धालुओं का ध्यान होटल मालिकों द्वारा रखा जा रहा है। जिन होटलों में श्रद्धालु रुके हैं, वे होटल वाले उनसे कोई खर्च नहीं ले रहे हैं और उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी कर रहे हैं।
दरअसल, 26 अगस्त को दोपहर 3:00 बजे भारी बारिश के कारण वैष्णो देवी यात्रा के एक पड़ाव पर अर्धकुमारी इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भूस्खलन हुआ था। भूस्खलन में बड़ी मात्रा में क्षति पहुंची थी और कई लोगों की जान चली गई थी।
श्रद्धालुओं के लिए 200 कमरे खोले
कटरा में लगभग 300 होटल और गेस्ट हाउस हैं। इनमें लगभग 6000 कमरे हैं। अब इन होटलों के मालिकों ने लगभग 200 कमरे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए हैं। श्रद्धालुओं को उनकी पसंद का नाश्ता और खाना भी दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, लगभग 200 से ज्यादा लोग धर्मशाला में भी रह रहे हैं। 26 अगस्त से ही वैष्णो देवी की यात्रा बंद है। लगभग एक हफ्ता हो चुका है। होटल मालिकों का कहना है कि हम एक हफ्ते से नुकसान में हैं, लेकिन इस दुख की घड़ी में हम सब एक साथ हैं और श्रद्धालुओं का ध्यान रखा जा रहा है।
यात्रा को पिछले 7 दिन से बंद कर दिया गया है
दूसरी ओर, यात्रा वाले रास्ते के संवेदनशील इलाकों में स्थित होटल, दुकानों और धर्मशालाओं को तुरंत खाली करने का आदेश भी दिया गया है। बता दें कि दर्शनी ड्यूटी, बेलिनी पुल और एशिया चौक वाले इलाकों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं। यह सभी इलाके भूस्खलन प्रभावित इलाकों में आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन संवेदनशील हिस्सों में 80 से ज्यादा दुकानें और कई छोटे होटल आते हैं। वैष्णो देवी में लगातार बारिश हो रही है। हाल ही में अचानक बारिश बढ़ गई थी, जिसके कारण भूस्खलन की घटना हुई और कई लोगों की जान चली गई। होटल मालिकों का कहना है कि यहां हर दिन लगभग 30 हजार श्रद्धालु आते हैं, लेकिन यात्रा को पिछले 7 दिन से बंद कर दिया गया है, जिससे सन्नाटा दिखाई दे रहा है। हालांकि, यात्रा मार्ग को फिर से ठीक कर देने के बाद यात्रा शुरू हो जाएगी।






