
विवेक अग्निहोत्री की नई फिल्म द बंगाल फाइल्स 5 सितंबर को रिलीज होने से पहले ही विवादों में घिर गई है। द कश्मीर फाइल्स और द ताशकंद फाइल्स जैसी विवादास्पद फिल्में बना चुके अग्निहोत्री ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर फिल्म को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि यह फिल्म हिंदू नरसंहार के सच को उजागर करती है, जिसे कुछ लोग दबाना चाहते हैं। अमेरिका में फिल्म के प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि तृणमूल ने उनके खिलाफ कई शहरों में पुलिस शिकायतें (एफआईआर) दर्ज की हैं।
अग्निहोत्री ने एक्स पर एक वीडियो बयान में कहा कि तृणमूल की रणनीति उन्हें कानूनी पचड़ों में फंसाकर फिल्म पर ध्यान न देने की है। हालांकि, उन्होंने खुशी जताई कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने इन शिकायतों पर 26 अगस्त तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि फिल्म से बंगाल में सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है, खासकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले।
शूटिंग के लिए बंगाल में अनुमति नहीं
अग्निहोत्री ने तृणमूल पर यह भी आरोप लगाया कि उन्हें फिल्म की शूटिंग के लिए बंगाल में अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि मुरशिदाबाद के इतिहास के अंधेरे अध्याय को क्यों छिपाया जा रहा है। अप्रैल में मुरशिदाबाद में वक्फ कानूनों में बदलाव को लेकर सांप्रदायिक हिंसा हुई थी, जिसे फिल्म में दर्शाया गया है। अग्निहोत्री ने कहा, “वे मेरे, फिल्म या सच्चाई के खिलाफ हैं?”
ममता ने द केरल स्टोरी फिल्म पर बैन लगाया
तृणमूल या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। इससे पहले मई 2023 में ममता ने द केरल स्टोरी फिल्म पर बैन लगा दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बाद में हटा दिया था। बंगाल अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में है, जहां ममता ने बीजेपी को खुली चुनौती दी है। 2021 में तृणमूल ने बीजेपी को हराकर 215 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी ने 77 सीटों पर कब्जा किया था।
