कई दिनों से पड़ रही है भीषण गर्मी के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। गुरुवार को अचानक शुरू हुआ आंधी और बारिश का सिलसिला धीरे-धीरे तबाही में बदल गया। दरअसल नए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से कई जगह पर वर्षा, ओलावृष्टि और तेज आंधी देखने को मिली।
मौसम है इस परिवर्तन की वजह से बंगाल सहित उत्तर प्रदेश और बिहार सभी जगह तबाही देखने को मिली। उत्तर प्रदेश में जहां प्रयागराज में बारिश में 55 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। वहीं कुछ स्थानों पर रेल परिचालन में समस्या का सामना करना पड़ा। मौसम का ये कहर कुछ लोगों की जान भी ले चुका है।
बिहार, उत्तराखंड में मौसम का तांडव
मौसम खराब होने की वजह से कई पेड़ गिर गया। जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और रेल परिचालन में समस्या का सामना करना पड़ा। कुछ विमानों को डाइवर्ट भी किया गया है। वर्षा से हुए हादसों की वजह से उत्तर प्रदेश में 20, बिहार में 14, उत्तराखंड में दो और झारखंड में दो लोगों की जान चली गई है।
उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर
उत्तर प्रदेश में गुरुवार दे रात आंधी वर्षा की शुरुआत हुई और देखते ही देखते पूरा प्रदेश ओलावृष्टि की चपेट में आ गया। सबसे ज्यादा असर बुंदेलखंड और पूर्वांचल में देखने को मिला। वाराणसी मंडल स्थिति चौराचौरी और गौरी बाजार रेलवे स्टेशन के बीच रेल लाइन पर 4 पेड़ गिर गए। जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। उरई और भुआ स्टेशन के बीच ओवर हेड इलेक्ट्रिक लाइन खंभा टूटने से झांसी रेल खंड पर भी ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका।
प्रयागराज में टूटा बारिश का रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक ही दिन में सर्वाधिक वर्षा का 55 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक 61 मिमी बारिश हुई। इसके पहले साल 1971 में यहां 54 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकलन कर 24 घंटे के भीतर राहत राशि बांटने के निर्देश दिए हैं।
बंगाल में 7 की मौत
बंगाल की बात करें तो दक्षिणी इलाके में भीषण तूफान, तेज बारिश और आकाशीय बिजली की तबाही देखने को मिली। देर रात तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि की गई थी जबकि कुछ घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मृतकों के परिवार को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।






