पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा जारी फाइनल वोटर लिस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने ऐलान किया है कि ममता बनर्जी शुक्रवार, 6 मार्च को को1लकाता के मेट्रो चैनल पर इस मुद्दे को लेकर धरने पर बैठेंगी।
यह विरोध प्रदर्शन दोपहर 2 बजे से शुरू होगा। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के नाम पर लाखों वैध मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। यह टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी ‘परिवर्तन यात्राओं’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के साथ अपनी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।
क्यों खड़ा हुआ वोटर लिस्ट पर विवाद?
शनिवार को पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के बाद फाइनल वोटर लिस्ट का पहला चरण प्रकाशित किया गया। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि सूची से करीब 63 लाख मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटा दिए गए हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि अन्य 60 लाख मतदाताओं के नाम ‘अंडर कंसीडरेशन’ यानी विचाराधीन रखे गए हैं, जिससे उनकी स्थिति पर अनिश्चितता बनी हुई है।
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है ताकि एक विशेष वर्ग के लोगों को वोटिंग से दूर रखा जा सके।
TMC का आरोप- अल्पसंख्यकों और प्रवासियों को बनाया जा रहा निशाना
पार्टी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि प्रशासनिक लापरवाही की आड़ में जानबूझकर ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं।
“ममता बनर्जी 6 मार्च को कोलकाता मेट्रो चैनल पर धरना देंगी और विरोध करेंगी।”- अभिषेक बनर्जी, महासचिव, तृणमूल कांग्रेस
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से खास तौर पर अल्पसंख्यक, प्रवासी मजदूर और हाशिए पर रहने वाले समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि ममता बनर्जी धरने के दिन ही अपने अगले कार्यक्रम की घोषणा कर सकती हैं। पार्टी का कहना है कि यह धरना शांतिपूर्ण होगा और उनकी मुख्य मांग हटाए गए सभी वैध मतदाताओं के नाम तत्काल सूची में वापस जोड़ने की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
चुनाव से पहले बीजेपी भी पूरी तरह सक्रिय
एक तरफ जहां टीएमसी वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग से भिड़ रही है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। बीजेपी ने राज्य भर में नौ ‘परिवर्तन यात्राएं’ शुरू की हैं, जिसमें कई केंद्रीय नेता हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी ने 15 मार्च को कोलकाता के प्रसिद्ध ब्रिगेड मैदान में एक विशाल जनसभा का ऐलान किया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। इसे चुनाव से पहले बीजेपी का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।





