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राजस्थान पुलिस की बड़ी पहल, बस-ऑटो और टैक्सी में लगाए जा रहे ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के QR कोड, अब एक स्कैन पर महिलाओं को मिलेगी पुलिस सहायता

Written by:Gaurav Sharma
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान पुलिस ने एक बड़ी पहल की है। प्रदेश भर में सार्वजनिक परिवहन साधनों जैसे बस, ऑटो और टैक्सी में 'राजकॉप सिटीजन एप' से जुड़े क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं, ताकि महिलाएं आपात स्थिति में एक क्लिक पर पुलिस से मदद मांग सकें।
राजस्थान पुलिस की बड़ी पहल, बस-ऑटो और टैक्सी में लगाए जा रहे ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के QR कोड, अब एक स्कैन पर महिलाओं को मिलेगी पुलिस सहायता

जयपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के मौके पर राजस्थान पुलिस ने महिला सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल की है। अब प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन में सफर करने वाली महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा एक क्यूआर कोड स्कैन से सुनिश्चित होगी। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर पूरे राज्य में बसों, ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों में ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के क्यूआर कोड वाले पोस्टर चिपकाने का एक विशेष अभियान शुरू किया गया है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान महिलाओं को एक सुरक्षित माहौल देना और किसी भी अप्रिय स्थिति में उन्हें तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। इस तकनीक के माध्यम से महिलाएं अब खुद को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित महसूस कर सकेंगी।

कैसे काम करेगा यह सुरक्षा कवच?

सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाली कोई भी छात्रा, कामकाजी महिला या अन्य यात्री अपने स्मार्टफोन से वाहन के अंदर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर सकती हैं। स्कैन करते ही उन्हें ‘राजकॉप सिटीजन एप’ डाउनलोड करने का विकल्प मिलेगा। यह प्रक्रिया बेहद सरल और त्वरित है।

एप डाउनलोड होने के बाद इसका सबसे महत्वपूर्ण फीचर ‘Need Help’ सक्रिय हो जाता है। किसी भी आपातकालीन या असुरक्षित महसूस होने वाली स्थिति में महिला को सिर्फ इस बटन पर एक बार क्लिक करना होगा। क्लिक करते ही उनकी लाइव लोकेशन सीधे पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी, जिससे पुलिस की टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच सकेगी।

तकनीक से बढ़ेगा विश्वास और सुरक्षा

यह पहल राजस्थान पुलिस की महिला सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी जिलों में यातायात पुलिसकर्मी इस अभियान को जमीनी स्तर पर लागू कर रहे हैं। बसों, ऑटो और टैक्सियों पर व्यवस्थित रूप से ये क्यूआर कोड वाले स्टीकर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं।

इस तकनीक-आधारित सुरक्षा प्रणाली से न केवल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि अपराधियों में भी कानून का डर पैदा होगा। महिला दिवस पर शुरू की गई यह पहल सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस प्रयास है। यह अभियान महिलाओं को यह भरोसा दिलाएगा कि पुलिस हर पल उनकी सुरक्षा के लिए तकनीक के साथ मुस्तैद है।

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