पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 1804 अयोग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिन्हें नकद-के-बदले-नौकरी घोटाले में दागी माना गया है। आयोग ने इन उम्मीदवारों के रोल नंबर, सीरियल नंबर और नाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 28 अगस्त को दिए अपने आदेश में इस सूची को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
इससे पहले, 14 जुलाई को 2024 में कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के बाद नौकरी गंवाने वाले SSC शिक्षकों ने जोग्या शिक्षक शिक्षिका अधिकार मंच के बैनर तले हावड़ा से बंगाल सचिवालय तक नबन्नो अभियान नामक विरोध मार्च निकाला था। इन शिक्षकों ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर कई प्रदर्शन किए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेरफेर और धोखाधड़ी हुई थी।
विभिन्न परीक्षाओं में भ्रष्टाचार
पश्चिम बंगाल में लगभग 25,753 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने स्कूल सेवा आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के कारण अपनी नौकरियां गंवाईं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने WBSSC की चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेरफेर और धोखाधड़ी पाए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस सरकार को नई चयन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया।
फैसले को रखा बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने 3 अप्रैल को कलकत्ता हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें 2016 में WBSSC की ओर से राज्य संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए 25,000 से अधिक शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती को रद्द कर दिया गया था। यह फैसला पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दायर याचिका पर आया, जिसमें उसने अप्रैल 2022 के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।






