
Haryana farmers News : हरियाणा के किसानों के लिए काम की खबर है। रबी सीजन-2024-25 के लिए सरसों की खरीद 26 मार्च मंगलवार और गेहूं की खरीद पहली अप्रैल से शुरू होगी। इस सीजन में सरसों के लिए 5650 रुपये और गेहूं के लिए 2275 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है। खास बात ये है कि इस बार भी फसल खरीद का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में किया जाएगा।
कृषि मंत्री बोले- किसानों को कोई परेशानी नहीं आने देंगे
कृषि मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा किसानों के लिए हमने कर्ज की एकमुश्त योजना चलाई, जिसमें हमने 1100 करोड़ माफ किए। इस बार भी सरकार ने जो फैसला लिया है, उसके तहत भी किसान अगर एकमुश्त योजना का लाभ उठाता है तो उसके तहत भी किसान का 1750 करोड़ माफ होगा। 26 मार्च से सरसों की खरीद होगी और एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी। गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैकहीं किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि जहां-जहां फसलें खराब हुई है, उसकी गिरदावरी हो चुकी है, जल्द मुआवजा दिया जाएगा।
मंगलवार से सरसों की खरीदी, 106 केन्द्र बनाए गए, रेट 5650 रुपये प्रति क्विंटल
- 26 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद हैफेड व हरियाणा भंडारण निगम द्वारा की जाएगी। सरसों के लिए 5650 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है।
- फसल खरीद मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज डाटा के आधार पर की जाएगी। इस पोर्टल पर सरसों के लिए 4 लाख 74 हजार 768 किसानों ने 18 लाख 6 हजार 326 एकड़ भूमि का पंजीकरण करवाया है।
- सरसों के लिए 106 मंडिया/खरीद केंद्र बनाए हैं। इस बार मंडियों में 14.28 लाख मीट्रिक टन आवक होने की संभावना हैं। 2022-23 में 3.17 लाख मीट्रिक टन तथा वर्ष 2023-24 में 6.83 लाख मीट्रिक टन आवक हुई थी।
1 अप्रैल से गेहूं की खरीदी, रेट 2275 रुपये प्रति क्विंटल
- इस बार गेहूं के लिए 2275 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है।
- गेहूं की खरीद के लिए 417 मंडियां/खरीद केंद्र बनाए हैं।इस बार 112.14 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उत्पादन होने की संभावना हैं।
- किसानों को गेहूं की खरीद के भुगतान के लिए 7300 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है।
- गेहूं के लिए 7 लाख 82 हजार 921 किसानों ने 41 लाख 64 हजार 324 एकड़ भूमि का पंजीकरण करवाया है। रबी सीजन-2024-25 में चना व जौ की भी खरीद पहली अप्रैल से की जाएगी।
- इस बार भी फसल खरीद का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में किया जाएगा। पिछले सात फसल सीजन में फसल खरीद के लगभग 90 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में डाले गए हैं।
- गेहूं की खरीद के लिए बेल की भी समुचित व्यवस्था की गई है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम को बेल भेजी जा चुकी है।
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