शिकायती आवेदन के 22 में से 21 बिंदु निकले असत्य, प्रशासन ने हटाया शासकीय भूमि से अतिक्रमण

जांच में शिकायत के 22 बिंदुओं में से 21 बिंदु पर शिकायत निराधार एवं असत्‍य पाई गई। जिन निर्माण कार्यो में अनियमितता की शिकायत की गई थी, वे सभी निर्माण कार्य मौके पर होना समिति द्वारा पाये गये हैं।
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Neemuch News : जनसुनवाई का उद्देश्य जिले के नागरिक की समस्या का हरसंभव तत्काल निराकरण करना है लेकिन कई बार ये बात सामने आती है कि पीड़ित को कई कई बार जनसुनवाई में आवेदन देना पड़ता है लेकिन नीमच जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत किया है और शिकायत का निराकरण मात्र चार दिन में कर दिया।

नीमच कलाकेटर हिमांशु चंद्रा ने मीडिया को आज कलेक्ट्रेट सभागार में बुलाकर जानकारी दी कि जिले के ग्राम कांकरिया तलाई के निवासी मुकेश प्रजापति ने 3 सितम्‍बर को जनसुनवाई में शिकायत की थी, इसमें कुल 22 बिंदु थे, शिकायत प्राप्त होने के बाद तीन सदस्‍यीय समिति गठित की गई और फिर उसे  मौके पर जांच के लिए भेजा।

केवल अतिक्रमण की शिकायत सही निकली, हटा दिया 

जांच में शिकायत के 22 बिंदुओं में से 21 बिंदु पर शिकायत निराधार एवं असत्‍य पाई गई। जिन निर्माण कार्यो में अनियमितता की शिकायत की गई थी, वे सभी निर्माण कार्य मौके पर होना समिति द्वारा पाये गये हैं। शिकायतकर्ता मुकेश द्वारा पूर्व सरपंच पति गोविन्‍दराम द्वारा अतिक्रमण करने की शिकायत सही पाये जाने पर प्रशासन द्वारा मौके पर 0.650 हेक्‍टेयर भूमि पर से अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया है।

मात्र चार दिन के अन्दर शिकायत का किया निपटारा 

कलेक्टर ने कहा कि आवेदक मुकेश प्रजापति की शिकायत का निराकरण प्रशासन द्वारा कर दिया गया है। जनसुनवाई में प्राप्‍त उक्‍त शिकायत पर अब कोई भी कार्यवाही शेष नहीं रही है। इस मौके पर एसडीएम जावद राजेश शाह, अतिरिक्‍त सीईओ अरविंद डामोर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

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नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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