आबकारी विभाग की दबिश, 300 किलो महुआ लहान करवाई नष्ट, दो आरोपी गिरफ्तार

आबकारी विभाग की दबिश, 300 किलो महुआ लहान करवाई नष्ट, दो आरोपी गिरफ्तार

नीमच। श्याम जाटव| Neemuch News जिला कलेक्टर जितेंद्रसिंह राजे और पुलिस अधीक्षक मनोजकुमार राय (SP Manojkumar Rai) के निर्देशन पर जिले में कच्ची जहरीली हाथभटटी शराब के खिलाफ अभियान जारी है। सोमवार को आबकारी विभाग (Excise Department) के स्टाफ ने ग्राम नेवड में दबिश दी, जहां पर दो महिलाएं कच्ची शराब बेचती हुई मिली, वहीं समीप जंगल में कच्ची शराब बनाए जाने वाले ठिकानों पर दबिश दी गई, जहां से 300 किलो महुआ लहान मिला, जिसे नष्ट करवाया गया है।
जिला आबकारी अधिकारी अनिल सचान ने बताया कि जिले में कच्ची शराब पकडने की मुहिम जारी है।एक तरफ कच्ची शराब बेचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है वहीं दूसरी और बनाने वाले ठिकानों को भी ध्वस्त किया जा रहा है। लॉक डाउन के दौरान कई गांवों में कच्ची जहरीली शराब बनाई जाने लगी है, जो कि स्वस्थ्य के लिए हानिकारक है। जिले में कच्ची शराब बेचना और बनाना पूर्णत प्रतिबंधित है, अपराधिक किस्म के लोग इसे बनाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड कर रहे है। सोमवार को नेवड निवासी झमकुबाई पति सीताराम बांछडा के कब्जे से 3 लीटर और सोनीबाई पति प्रकाश बांछडा के कब्जे से 5 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई है। दोनों महिलाओं के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। गांव के समीप जंगल में सर्चिंग की गई तो वहां पर डिब्बों में भरा हुआ करीब 300 किलो महुआ लहान मिला है, जिसे नष्ट करवायाय गया दिया गया है। जिसकी कीमत करीब चार लाख रूपए है। प्रशासन का यह अभियान लगातार जारी है।

महिलाएं भी जहरीली शराब के गौरखधंधे में शामिल—
हाथभटटी कच्ची शराब के गौरखधंधे में पुरूष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी शामिल है। चडौली, नेवड, हाडी पिपलिया, कडी, हिंगोरिया सहित दो दर्जन से अधिक बांछडा समुदाय के ढेरे है, जहां पर महिलाएं और पुरूष दोनों ही कच्ची शराब बनाते है। कई लोग आदतन अपराधी है। ऐसे गांव चिन्हित कर लिए गए है, जहां पर निरंतर कार्रवाई जारी है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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