Hindi News

मनासा में फर्जी NDPS केस को लेकर हंगामा, जनता के विरोध के आगे झुकी राजस्थान पुलिस

Written by:Bhawna Choubey
Published:
नीमच के मनासा में एक व्यापारी को फर्जी NDPS केस में फंसाने के आरोप ने बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया। राजस्थान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे, जनता सड़क पर उतरी और पुलिस को व्यापारी छोड़े बिना लौटना पड़ा।
मनासा में फर्जी NDPS केस को लेकर हंगामा, जनता के विरोध के आगे झुकी राजस्थान पुलिस

मध्यप्रदेश के नीमच जिले के मनासा में मंगलवार की दोपहर एक सामान्य दिन अचानक तनाव में बदल गया। बाजार, सड़कें और गलियां देखते ही देखते लोगों से भर गईं। वजह बनी राजस्थान पुलिस की एक कार्रवाई, जिस पर स्थानीय लोगों ने फर्जी NDPS केस दर्ज कर व्यापारी को फंसाने का आरोप लगाया।सीमावर्ती इलाकों में पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले से ही लोगों में डर और नाराजगी रहती है। जनता ने खुलकर विरोध किया और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के झालावाड़ जिले की पुलिस टीम मनासा थाना क्षेत्र के पिपलिया रावजी गांव पहुंची थी। पुलिस पर आरोप है कि उसने स्थानीय व्यापारी बलवंत प्रफुल्ल घाटिया को 1 किलो 580 ग्राम अफीम के कथित मामले में पकड़ लिया और उसे राजस्थान ले जाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यापारी अपने घर और दुकान के काम में लगा हुआ था। अचानक बाहर की पुलिस आई और NDPS एक्ट का नाम लेकर उसे उठाने लगी। इस दौरान न तो स्थानीय पुलिस को सही तरीके से जानकारी दी गई और न ही परिवार को संतोषजनक जवाब मिला।

कांग्रेस नेता मनीष पोरवाल की एंट्री से बढ़ा विरोध

जैसे ही यह खबर फैली, कांग्रेस नेता मनीष पोरवाल को मामले की जानकारी मिली। कुछ ही समय में वे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंच गए। उनके पहुंचते ही माहौल और गरमा गया। लोगों ने राजस्थान पुलिस को चारों तरफ से घेर लिया। नारेबाजी शुरू हो गई और सवाल उठने लगे कि आखिर बार-बार मध्यप्रदेश के व्यापारियों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है।

फर्जी NDPS मामलों में फंसाने का खेल

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि राजस्थान पुलिस अक्सर सीमावर्ती क्षेत्रों से व्यापारियों को पकड़कर NDPS एक्ट जैसे गंभीर कानून में फंसा देती है। लोगों का कहना है कि डर दिखाकर और झूठे केस बनाकर परेशान किया जाता है। मौके पर मौजूद कई व्यापारियों ने खुलकर कहा कि यह पहली घटना नहीं है। पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बाद में केस कमजोर साबित हुए, लेकिन तब तक परिवार और व्यापार को भारी नुकसान हो चुका था।

बढ़ते दबाव में खाली हाथ लौटी राजस्थान पुलिस

लंबे समय तक चले विरोध और लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए झालावाड़ पुलिस के पास पीछे हटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। आखिरकार पुलिस को व्यापारी को अपने साथ ले जाए बिना ही लौटना पड़ा। व्यापारी के परिवार ने राहत की सांस ली, वहीं भीड़ ने इसे अपनी जीत बताया।

घटना के बाद मनासा में कैसा है माहौल

घटना के बाद मनासा और आसपास के इलाकों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। लोग अब भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं भविष्य में ऐसी कार्रवाई दोबारा न हो। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने बैठक कर यह तय किया कि वे इस मामले को यहीं खत्म नहीं होने देंगे। निष्पक्ष जांच और स्पष्ट नियमों की मांग जोर पकड़ रही है।

सीमावर्ती इलाकों में NDPS कानून और उसकी सख्ती

NDPS एक्ट एक बहुत सख्त कानून है। इसमें जरा-सी लापरवाही किसी की जिंदगी बर्बाद कर सकती है। नशे के खिलाफ सख्ती जरूरी है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल भी उतना ही खतरनाक है। सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लोग अक्सर इसी डर में जीते हैं कि कहीं बेवजह उन्हें फंसा न दिया जाए। मनासा की घटना ने इस डर को और गहरा कर दिया है।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
Follow Us :GoogleNews