मिलावटी व सिंथेटिक दूध पर बड़ी कार्रवाई, 4 हजार लीटर दूध जब्त, बिना लाइसेंस चल रहा मिल्क प्लांट बंद

नीमच जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटी और सिंथेटिक खाद्य पदार्थों के कारोबार के खिलाफ जिले में अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
Neemuch district administration action against adulterated and synthetic milk

Neemuch district administration action against adulterated and synthetic milk

मध्यप्रदेश में मिलावटी और सिंथेटिक दूध के कारोबार पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत नीमच जिले में बुधवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जिले की विभिन्न दूध डेयरियों और बीएमसी (बल्क मिल्क कूलर) केंद्रों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 10 से अधिक खाद्य नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए, जबकि बिना वैध लाइसेंस संचालित एक मिल्क प्लांट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। साथ ही करीब 4,000 लीटर दूध जब्त कर जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।

कार्रवाई के दौरान मनासा क्षेत्र के राजपुरा स्थित नवीन दूध डेयरी से 1,000 लीटर दूध का नमूना लिया गया। संचालक आवश्यक मेडिकल फिटनेस एवं प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके, जिस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा-32 के तहत नोटिस जारी किया गया। बरडिया बनड़ा स्थित श्री कृष्णा दूध डेयरी में 5,000 लीटर क्षमता के बीएमसी की जांच की गई। यहां से दूध, मावा, पनीर, दही, घी, लस्सी और छाछ सहित सात खाद्य नमूने लिए गए तथा संचालक प्रहलाद धनगर को भी नोटिस जारी किया गया।

बिना लाइसेंस संचालिक मिल्क प्लांट पर बंद 

रामपुरा क्षेत्र के दुधलाई गांव स्थित श्री सांवरिया मिल्क प्लांट में निरीक्षण के दौरान करीब 4,000 लीटर दूध पाया गया। प्लांट संचालक कमलेश जाट वैध खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके चलते प्लांट का संचालन तत्काल बंद करा दिया गया। इसके अलावा खेतपाल्या स्थित श्री बालाजी फ्रेश दुग्ध डेयरी से भी दूध का नमूना लेकर जांच के लिए भोपाल भेजा गया।

लैब रिपोर्ट के बाद होगा लीगल एक्शन 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी और यशवंत कुमार शर्मा ने बताया कि सभी नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटी और सिंथेटिक खाद्य पदार्थों के कारोबार के खिलाफ जिले में अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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