सरकारी शिक्षक ने गलत जवाब पर छात्र को छात्र से पिटवाया, ग्रामीणों के हंगामे के बाद जांच शुरू, परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के डूंगलवदा शासकीय माध्यमिक विद्यालय में एक शिक्षक पर छात्र को गलत उत्तर देने पर सहपाठी से थप्पड़ लगवाने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया और शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
सरकारी शिक्षक ने गलत जवाब पर छात्र को छात्र से पिटवाया, ग्रामीणों के हंगामे के बाद जांच शुरू, परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

नीमच: प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक मामला नीमच जिले के डूंगलवदा शासकीय माध्यमिक विद्यालय से सामने आया है। यहां एक शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने कक्षा में एक सवाल का गलत जवाब देने पर छात्र को उसी के सहपाठी से थप्पड़ लगवाकर अपमानित किया। इस घटना के बाद पीड़ित छात्र के परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल में पहुंचकर जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक का नाम नानालाल माली है। पीड़ित छात्र जब रोते हुए घर पहुंचा तो उसने अपने भाई कुलदीप सिंह और परिवार को पूरी बात बताई। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक अक्सर छात्रों को गलत उत्तर देने पर इसी तरह की ‘तालिबानी सजा’ देते हैं, जिससे बच्चों के मन में डर और अपमान का भाव पैदा हो रहा है।

गांव में आक्रोश और संगठनों ने उठाई आवाज

जैसे ही यह खबर गांव में फैली, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोग स्कूल पहुंच गए और शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अखिल भारतीय गुजर महासभा ने भी हस्तक्षेप किया है। संगठन के प्रतिनिधि और स्थानीय निवासी शिवम गुजर ने इस घटना की कड़ी निंदा की।

“बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना अस्वीकार्य है। हम दोषी शिक्षक के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।”- शिवम गुजर, प्रतिनिधि, अखिल भारतीय गुजर महासभा

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक छात्र का मामला नहीं है, बल्कि यह बच्चों के आत्मसम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या स्कूल सीखने की जगह हैं या भय और अपमान के केंद्र बन गए हैं।

प्रशासन की भूमिका और जांच के आदेश

मामला बढ़ने के बाद स्कूल के प्राचार्य टी.आर. बागरी ने कहा कि उन्होंने घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है। हालांकि, ग्रामीणों ने प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर कक्षा में लंबे समय से इस तरह की घटनाएं हो रही थीं, तो स्कूल प्रबंधन अब तक इससे अनजान कैसे बना रहा?

हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं, शिक्षा विभाग ने आरोपों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। यह घटना प्रदेश के सरकारी स्कूलों में निगरानी और शिक्षकों की जवाबदेही की व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
Banshika Sharma

कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
Follow Us :GoogleNews