नीमच: गांधी सागर के बैकवॉटर में अवैध खनन का पर्दाफाश, खनिज विभाग ने जब्त की 15 डंपर रेत

प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि जिले की प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
Neemuch Gandhi Sagar backwater illegal sand mining

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मध्य प्रदेश के नीमच जिले में रेत माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। मनासा तहसील के ग्राम खानखेड़ी में गांधी सागर डैम के बैकवॉटर क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध रेत उत्खनन पर खनिज विभाग ने बड़ी चोट करते हुए भारी मात्रा में अवैध रेत का स्टॉक जब्त किया है।

जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लगातार सूचना मिल रही थी कि मनासा के ग्राम खानखेड़ी स्थित जीरो प्वाइंट (गांधीसागर डूब क्षेत्र) में बैकवॉटर से रेत निकालकर अवैध रूप से स्टॉक की जा रही है। इस गुप्त सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर औचक दबिश दी।

2 जेसीबी की मदद से उठाया गया 15 डंपर रेत का स्टॉक

मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने पाया कि वहां बड़े पैमाने पर अवैध रेत का भंडारण किया गया था। खनिज विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 जेसीबी और कई डंपरों को मौके पर बुलवाया। टीम ने वहां मौजूद लगभग 15 डंपर अवैध रेत के स्टॉक को मशीनों की सहायता से उठवाया और उसे किसी अन्य दूरस्थ व सुरक्षित स्थान पर डंप करवाकर आधिकारिक तौर पर जब्त कर लिया।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

इस पूरी छापामार कार्रवाई के दौरान जिला खनिज अधिकारी गजेंद्र डाबर स्वयं टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे और अपनी निगरानी में रेत उठवाने का कार्य संपन्न करवाया। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि गांधी सागर के बैकवॉटर में अवैध उत्खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन द्वारा जब्त की गई इस रेत के संबंध में अब खनिज अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के रेत माफियाओं और अवैध खननकर्ताओं में भारी हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि जिले की प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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