धार्मिक आस्था पर चोट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, नीमच पुलिस ने दबोचे 5 शातिर चोर

पुलिस ने आरोपियों के पास से मंदिरों से चुराए गए चांदी के मुकुट और छत्र, दानपेटियों से चोरी की गई नकदी, वारदातों में इस्तेमाल की गई 04 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद किए है।
Neemuch thief arrested

Neemuch thief arrested

मंदिरों को निशाना बनाकर लोगों की धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का नीमच पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। नीमच सिटी पुलिस ने इस गिरोह के 05 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के चांदी के आभूषण, नकदी और वाहन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई चोरी की 10 बड़ी वारदातों का खुलासा हुआ है।

तकनीकी साक्ष्यों की मदद से गिरोह का भंडाफोड़ 

पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कुछ समय से जिले में धार्मिक स्थलों और वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और संदिग्धों की निगरानी के आधार पर घेराबंदी कर इन आरोपियों को धर दबोचा।

मंदिरों से चुराए चांदी के आभूषण जब्त 

पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1 लाख 52 हजार रुपये मूल्य का मशरूका बरामद किया है। मंदिरों से चुराए गए चांदी के मुकुट और छत्र, दानपेटियों से चोरी की गई नकदी, वारदातों में इस्तेमाल की गई 04 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद किए है। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी दिन में उन मंदिरों या धार्मिक स्थलों की रेकी करते थे जहां सुरक्षा कम होती थी। रात के अंधेरे में ये चोरी की मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुंचते और कटर व अन्य औजारों की मदद से दानपेटियां और कीमती आभूषण पार कर देते थे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews