नीमच जिले में हो रही अच्छी बारिश के बाद जावद कृषि उपज मंडी में रौनक लौट आई है। मंडी में लहसुन की बंपर आवक देखने को मिल रही है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव और भारी भीड़ के कारण व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। हरियाली अमावस्या के अवसर पर मंडी में उमड़ी किसानों की भीड़ और वाहनों की कतारों ने जाम की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे व्यापारी और किसान दोनों परेशान हैं।
जानकारी के मुताबिक मंडी में आज ऊटी लहसुन से भरी लगभग 56 गाड़ियां पहुंची। बारिश के चलते खेतों में बुवाई का काम जोर पकड़ रहा है, जिसके कारण किसान बड़ी संख्या में ऊटी लहसुन का बीज खरीद रहे हैं। वहीं मंडी के मुख्य गेट के पास गहरे गड्ढे होने के कारण वहां भारी मात्रा में कीचड़ और पानी जमा हो गया है। इससे वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है। किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल गेट के पास चूरी (गिट्टी/मुरम) डलवाने की मांग की है।
गेट पर कीचड़ और जलभराव
गेट पर कीचड़ और जाम के कारण हालात इतने बिगड़ गए कि स्वयं मंडी सचिव को मौके पर उतरना पड़ा। वे खुद गाड़ियों को कीचड़ से सुरक्षित अंदर-बाहर निकलवाते नजर आए। त्योहार का दिन होने के कारण मंडी की ओर आने वाले रास्तों पर भारी ट्रैफिक दिखाई दिया। मंडी के बाहर और अंदर की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए कुछ प्राइवेट सिक्योरिटी कर्मियों को भी तैनात किया गया है।
व्यापारियों का कामकाज ठप
मंडी में अव्यवस्था के कारण व्यापारी खासे नाराज हैं। व्यापारियों का कहना है कि सुबह से ही उनकी दुकानों के सामने गाड़ियां खड़ी कर दी गई हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। गाड़ियां दुकान तक न पहुंच पाने के कारण माल की लोडिंग-अनलोडिंग नहीं हो पा रही है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और ग्राहक भी परेशान होकर लौट रहे हैं।
मंडी में लहसुन की इस भारी आवक को देखते हुए प्रशासन को यातायात नियंत्रण और साफ-सफाई (विशेषकर गेट के पास) की उचित व्यवस्था करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने और व्यापारियों को व्यापार करने में कोई असुविधा न हो।






