झांतला जन विश्वास शिविर में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुआ सीधा संवाद, अधिकारियों ने मंच से सुनीं समस्याएं

नीमच के झांतला में आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शिविर में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। मंच से विधायक ओमप्रकाश सकलेचा और वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों को माइक देकर उनकी समस्याएं सुनीं।
झांतला जन विश्वास शिविर में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुआ सीधा संवाद, अधिकारियों ने मंच से सुनीं समस्याएं

नीमच जिले की ग्राम पंचायत झांतला में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शिविर के दौरान ग्रामीणों को सीधे अपनी बात रखने का मौका मिला। कार्यक्रम में विधायक ओमप्रकाश सकलेचा और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंच से लोगों की शिकायतें सुनीं। शिविर में कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और अलग-अलग मामलों में मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

झांतला में आयोजित शिविर में पारंपरिक कार्यक्रमों से अलग व्यवस्था देखने को मिली। ग्रामीणों को मंच से माइक देकर उनकी समस्याएं पूछी गईं और अधिकारियों ने अलग-अलग योजनाओं की स्थिति पर सवाल किए। राशन वितरण, पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मामलों पर लोगों से सीधे जानकारी ली गई। ग्रामीणों ने बिना झिझक अपनी बातें रखीं, जबकि अधिकारियों ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों को शिकायतें दर्ज कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

शिविर में उठे कई अहम मुद्दे

दरअसल शिविर के दौरान सबसे पहले प्रसिद्ध बालाजी मंदिर परिसर में लगे खुले ट्रांसफार्मर का मामला सामने आया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे हादसे का खतरा बना रहता है। इस पर अधिकारियों ने बिजली विभाग को मौके का निरीक्षण कर जरूरी सुरक्षा उपाय करने और ट्रांसफार्मर के संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुराने बस स्टैंड पर जाम और अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठा। ग्रामीणों ने बताया कि दुकानों के सामने सड़क पर वाहन खड़े होने से आवाजाही प्रभावित होती है। विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने ग्राम पंचायत को निर्देश दिए कि सड़क पर अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं बस सेवा को लेकर भी लोगों ने अपनी परेशानी रखी। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में नियमित बसें नहीं चलने से छात्रों और मरीजों को दिक्कत होती है। इस पर विधायक ने आरटीओ से बात कर बस सेवा सुचारू कराने का आश्वासन दिया।

नशाखोरी और स्मैक तस्करी का मुद्दा भी उठा

इसके साथ ही शिविर में ग्रामीणों ने डीआईजी नितेश अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के सामने क्षेत्र में फैल रही नशाखोरी और स्मैक तस्करी का मामला भी उठाया। लोगों ने बताया कि इस गतिविधि पर सख्ती की जरूरत है। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी बढ़ाने और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर बी.एल. कलेश, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव और अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में मिली शिकायतों को विभागवार दर्ज किया गया और मैदानी अमले को तय समय में उनका निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

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