इस जिले के ग्रामीण इलाके में तेंदुए का आतंक, महिल को बनाया शिकार, मौत

इस जिले के ग्रामीण इलाके में तेंदुए का आतंक, महिल को बनाया शिकार, मौत

नीमच, श्याम जाटव

जिले के कुकड़ेश्वर थाना के धर्मपुरा गांव की महिला पर जंगली तेंदुआ ने हमला कर दिया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई है। पुलिस और वन विभाग ने घटना स्थल पर पहुंच कर महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, वहीं मामले को विवेचना में लिया गया है।

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की सुबह 8 बजे की घटना है कि ग्राम पंचायत खड़ावदा के गांव धर्मपुरा की निवासी सीता बाई पति गब्बा बंजारा, उम्र 52 वर्ष जंगल में पांडू घाटी के जंगल में अपने पालतू पशु को चराने के लिए गई थी। जहां जंगली जानवर तेंदुआ ने उसके ऊपर हमला कर दिया। सीताबाई बंजारा पांडू घाटी जंगल में घायल अवस्था में गिरी हुई थी।

वहीं ग्रामीण विक्रम ने बताया कि वो खेत पर काम कर रहा था। तभी जंगल में पड़ी हुई महिला को घायल अवस्था में देखा, जिसकी सूचना उसने तुरंत ग्रामीणों और फॉरेस्ट विभाग को दी। जिसके बाद मौके पर ग्रामीण, वन विभाग का अमला और कुकड़ेश्वर थाना प्रभारी घटना स्थल पर पहुंचे।

जिसके बाद फॉरेस्ट विभाग ने मामले का मुआयना कर देखा तो महिला की मौत हो चुकी थी, जिसका पंचनामा बनाया गया। पुलिस और वन विभाग ने मामले को विवेचना में लिया। वहीं फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि लाश के ऊपर निशानों को देखते हुए स्पष्ट है कि महिला के ऊपर तेंदुए ने हमला किया है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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