नीमच के महामाया भादवामाता मंदिर में नवरात्रि के चौथे दिन उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भीड़ के चलते प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा

मध्य प्रदेश के नीमच जिले में स्थित प्रसिद्ध महामाया भादवामाता मंदिर में नवरात्रि के चौथे दिन, रविवार को, आस्था का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिला। पिछले वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ते हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, जिसके कारण व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
नीमच के महामाया भादवामाता मंदिर में नवरात्रि के चौथे दिन उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भीड़ के चलते प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा

नीमच। मालवा की वैष्णोदेवी के रूप में प्रसिद्ध महामाया भादवामाता मंदिर में नवरात्रि के चौथे दिन आस्था का सागर उमड़ पड़ा। रविवार होने के कारण मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जो देर शाम तक जारी रहीं। इस दिन उमड़ी भीड़ ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए, जिसके चलते प्रशासन को व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।

सुबह से ही मंदिर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज रहा था। मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों राजस्थान और गुजरात से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। भीड़ का आलम यह था कि मंदिर परिसर से लेकर बाहर तक सिर्फ भक्तों के सिर ही नजर आ रहे थे।

दूर-दूर तक फैली है महिमा

महामाया भादवामाता की ख्याति सिर्फ मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में उनके भक्त हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में यहां एक विशेष मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं। मान्यता है कि माता के दर्शन मात्र से भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

लकवा रोग से मुक्ति की मान्यता

इस मंदिर से एक विशेष आस्था जुड़ी हुई है, जिसके अनुसार यहां लकवा (पैरालिसिस) से पीड़ित लोगों को राहत मिलती है। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि माता की कृपा और मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन बावड़ी के औषधीय जल के प्रयोग से असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिल जाती है। कई भक्त यहां स्वास्थ्य लाभ की कामना लेकर आते हैं। भक्तों का यह भी मानना है कि मां भादवा अपने भक्तों पर आने वाले हर संकट को टाल देती हैं और एक अदृश्य शक्ति के रूप में सदैव उनकी रक्षा करती हैं।

नवरात्रि के चौथे दिन उमड़ी रिकॉर्ड तोड़ भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने आने वाले दिनों के लिए भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। माना जा रहा है कि अष्टमी और नवमी पर श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ सकती है, जिसके लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को और पुख्ता किया जा रहा है।

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निदेशक और संपादक

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