नीमच जिले का शांत माना जाने वाला ग्राम पिपलोन शनिवार 3 जनवरी शाम अचानक डर और आक्रोश के माहौल में बदल गया। दिनदहाड़े नकाबपोश बदमाशों ने जिस तरह एक घर को निशाना बनाया, उसने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। गांव के लोग अभी पूरी तरह समझ भी नहीं पाए थे कि क्या हुआ, और बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। घटना के दौरान बदमाशों का पीछा करने वाले एक युवक को गंभीर चोट आई, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पिपलोन में दिनदहाड़े लूट की वारदात
शनिवार शाम ग्राम पिपलोन में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो अज्ञात नकाबपोश बदमाश मोटरसाइकिल से गांव में दाखिल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाश सीधे श्यामलाल धनगर के घर पहुंचे और बिना किसी झिझक के अंदर घुस गए। घर में रखी अलमारी को खोलकर उसमें रखे करीब 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि घर के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बदमाश बाहर निकलकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस लूट ने ग्रामीणों को हिलाकर रख दिया।
गांव में मची हलचल, लोगों में दहशत
जैसे ही बदमाश घर से बाहर निकले, श्यामलाल धनगर के भतीजे अक्षय धनगर की नजर उन पर पड़ गई। अक्षय ने तुरंत शोर मचाया। आवाज सुनते ही आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही पलों में पूरे मोहल्ले में खबर फैल गई कि घर में लूट हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बदमाश कुछ देर और रुकते, तो हालात और बिगड़ सकते थे। हालांकि बदमाश पहले से ही भागने का रास्ता तय कर चुके थे और तेजी से गांव से बाहर निकल गए।
बदमाशों का पीछा करना युवक को पड़ा भारी
खेत पर काम कर रहे जगदीश पिता भागीरथ धनगर, उम्र करीब 40 वर्ष, ने शोर सुनते ही अपनी मोटरसाइकिल उठाई और बदमाशों का पीछा करने निकल पड़े। गांव के कई लोग दूर से यह सब देख रहे थे। बताया जा रहा है कि बदमाश भागते हुए हाड़ी पिपलिया के पास एक डेरे की ओर मुड़ गए। इसी दौरान बदमाशों के साथ मौजूद कुछ अज्ञात लोगों द्वारा जगदीश पर हमला किया गया। पत्थरों से किए गए हमले में उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया, वहीं उनकी मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त कर दी गई।
घायल युवक और सहमा हुआ गांव
जगदीश की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि तुरंत मदद कैसे की जाए। यह भी आशंका जताई जा रही थी कि बदमाशों के साथ और लोग शामिल हो सकते हैं। घटना के बाद गांव में डर का माहौल बन गया। कई लोग अपने घरों में ही सिमट गए। महिलाएं और बच्चे खासतौर पर सहमे हुए नजर आए। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उन्हें यह भरोसा नहीं हो पा रहा कि बदमाश दोबारा इलाके में नहीं आएंगे।
पुलिस मौके पर पहुंची, आरोपियों की तलाश शुरू
घटना की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही मनासा और कुकड़ेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो चुके थे। घायल जगदीश को डायल 112 की मदद से मनासा शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर है और उन्हें लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ सकती है।
पुलिस का पक्ष और कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, मामले में लूट और मारपीट से जुड़ी धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाश तेज कर दी है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों का आक्रोश, सुरक्षा की मांग
घटना से नाराज ग्रामीण देर शाम बड़ी संख्या में मनासा थाने पहुंचे। लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई में देरी हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले भी चोरी और संदिग्ध गतिविधियां सामने आती रही हैं, लेकिन दिनदहाड़े इस तरह की लूट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और ग्रामीण इलाकों में निगरानी मजबूत करने की मांग तेज हो गई है। अब सभी की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आरोपियों को कब तक पकड़ लिया जाता है और गांव में फिर से भरोसे का माहौल कब बनता है।





