
मध्य प्रदेश पुलिस ने आज नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। गृह मंत्रालय के विशेष अभियान के तहत, उज्जैन जोन के 7 जिलों से जब्त किए गए 15 टन अवैध मादक पदार्थों के विशाल जखीरे को आज नीमच में नष्ट कर दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 8 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
यह पूरी विनिष्टीकरण की प्रक्रिया नीमच जिले के खोर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विशाल बॉयलर में पूरी की गई। उच्च तापमान वाली इस भट्टी में डोडाचूरा, अफीम, गांजा, स्मैक, एमडी और चरस जैसे घातक नशीले पदार्थों को जलाकर खाक कर दिया गया।
दो DIG और चार SP की मौजूदगी में हुई विनिष्टीकरण कार्रवाई
इस महा-अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर रतलाम और उज्जैन जोन के दो पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के साथ-साथ नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन सहित चार जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) भी अपनी टीमों के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों की सीधी निगरानी में यह सुनिश्चित किया गया कि पूरी प्रक्रिया में कोई चूक न हो।
कड़ी सुरक्षा के बीच सभी जिलों से पहुंचे जब्त मादक पदार्थ
मौके पर मौजूद रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई नशा तस्करों के नेटवर्क पर एक कड़ा प्रहार है। उन्होंने बताया कि सभी सात जिलों से यहाँ तक मादक पदार्थ लाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किये गए थे, जिससे कहीं कोई चूक न हो सके।
15 सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच नष्ट करने के निर्देश
बता दें केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया है, निर्देश के तहत 15 सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच पूरे देश में जब्त मादक पदार्हों का विनिष्टीकरण किया जाना है इसी क्रम में उज्जैन जोन ने कार्रवाई करते हुए 7 जिलों में जब्त करीब 15 टन अवैध मादक पदार्थों को भट्टी में नष्ट कर दिया जिसकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य जब्त किए गए मादक पदार्थों का सुरक्षित और स्थायी रूप से निपटान करना है।
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नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

