देश में सबसे तेज कोरोना रिकव्‍हरी वाला जिला बना नीमच

देश में सबसे तेज कोरोना रिकव्‍हरी वाला जिला बना नीमच

नीमच। श्याम जाटव| कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने की प्रक्रिया में नीमच जिला भारत में टॉप पर हैं। जिले में सबसे तेजी से कोरोना मरीज ठीक हुए हैं। यह जानकारी कलेक्‍टर जितेन्‍द्रसिंह राजे ने दी। कलेक्‍टर राजे ने बताया कि नीमच जिले तेजी से कोरोना पर काबू पाया हैं। जिसे प्रकार से जिले में तेजी से कोरोना के सक्रिय केस बढ़े थे, उससे कई गुना ज्‍यादा मरीज तेजी से ठीक हुए हैं। साथ ही कलेक्‍टर राजे ने जावद की स्थिति का जायजा भी लिया है। एडीएम विनय कुमार धोका, एसडीएम पीएल देवड़ा तथा खाद्य सुरक्षा राजू सोलंकी ने जावद के बाजार का जायजा लिया हैं। जल्‍द ही जावद में आवश्‍यकता अनुसार कर्फ्यू में ढील दी जाएगी। साथ ही जावद वासियों को भारत सरकार की गाइड लाइन का पूर्ण रूप से पालन करना होगा। साथ ही कलेक्‍टर जितेन्‍द्र राजे ने यह भी बताया कि जिले के साथ ही मध्‍यप्रदेश में कोरोना की हालातों में सुधार हो रहा हैं।

फिलहाल नीमच जिले में कोरोना में सुधार का दर 91 प्रतिशत हैं तथा मृत्‍यु दर 1.61 प्रतिशत हैं। इस वजह से नीमच जिला मध्‍यप्रदेश ही नहीं बल्कि भारत में टॉप पर बना हुआ हैं। साथ ही कलेक्‍टर ने इस रेशों को बरकार रखने के लिए कोरोना ने बचाव के सभी उपायों को 24 घंटे अपने जीवन निर्वहन करने को कहा है।  उन्‍होंने कहा है कि मास्‍क लगाना व सामाजिक दूरी बनाकर रखना प्रमुख आवश्‍यक हैं। साथ ही समय-समय पर आवश्‍यकतानुसार हाथों को सेनिटाइज करे। जिससे की नीमच जिला भारत में कोरोना रिकव्‍हरी के मामले में टॉप पर बना रहे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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