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एमपी में ‘जीरो टॉलरेंस’ की खुली पोल: लोकायुक्त के छापे के बाद भी कुर्सी पर जमे हैं रिश्वतखोर अध्यक्ष, विरोध में ‘गांधी’ वेश में उतरे लोग

Reported by:Kamlesh Sarda|Edited by:Atul Saxena
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प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर हुए आर्थिक अनियमितताओं के मामलों में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एमपी में ‘जीरो टॉलरेंस’ की खुली पोल: लोकायुक्त के छापे के बाद भी कुर्सी पर जमे हैं रिश्वतखोर अध्यक्ष, विरोध में ‘गांधी’ वेश में उतरे लोग

Ruckus over bribery scandal in Neemuch

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों के बीच नीमच जिले से सिस्टम की नाकामी की एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां लोकायुक्त पुलिस द्वारा रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़े गए जावद जनपद अध्यक्ष और सरकारी राशि के गबन के आरोपी सिंगोली तहसील के सरपंच पर कार्रवाई नहीं होने से जनता का आक्रोश फूट पड़ा है। प्रशासन की इस ‘चुप्पी’ और भ्रष्टाचारियों को मिल रहे खुले ‘संरक्षण’ के विरोध में मंगलवार 24 मार्च को नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। एक प्रदर्शनकारी ने बापू (महात्मा गांधी) की वेशभूषा धारण कर राज्य की व्यवस्था पर करारा तंज कसा और एक दिवसीय सत्याग्रह व उपवास किया।

इस राज्य स्तरीय मुद्दे को उठाते हुए प्रदर्शनकारियों ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया। उनके हाथों में मौजूद बैनर पर साफ शब्दों में लिखा था- “भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही को लेकर एक दिवसीय सत्याग्रह/उपवास – पूछता है लोकतंत्र और संविधान”। धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेता पंकज तिवारी और अन्य लोगों ने सीधे तौर पर मध्य प्रदेश पंचायत राज अधिनियम का हवाला देते हुए प्रशासन से पूछा कि जब जावद जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया है, तो उन्हें पद से हटाने का प्रावधान नियम-कानून में क्यों लागू नहीं किया जा रहा? क्या कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने का संवैधानिक अधिकार नहीं है?

सिंगोली सरपंच के घोटाले पर भी पर्दा डालने का आरोप

सत्याग्रह में दूसरा बड़ा मुद्दा सिंगोली तहसील की एक पंचायत का गूंजा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित सरपंच द्वारा किए गए आर्थिक अपराध और सरकारी राशि के गबन की शिकायतें जांच में प्रमाणित हो चुकी हैं। इसके बावजूद न तो अब तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है और न ही पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंच को पद से हटाया गया है। आरोप है कि रसूखदारों को बचाने के लिए प्रशासन ने नियम-कानूनों को ताक पर रख दिया है और भ्रष्टाचारियों को अभयदान दिया जा रहा है।

गांधी प्रतिमा के सामने बापू की वेशभूषा

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा ध्यान उस प्रदर्शनकारी ने खींचा जो धोती, चश्मा और हाथ में लाठी लिए बिल्कुल महात्मा गांधी के वेश में धरने पर बैठा था। बापू के इस स्वरूप के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि आज के समय में सत्य और अहिंसा के देश में भ्रष्टाचारियों को खुलेआम बचाया जा रहा है। प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थापित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई, जिसके बाद सभी लोग बैनर लेकर जमीन पर धरने पर बैठ गए।

प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की चेतावनी

यह मामला अब केवल नीमच जिले तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक नजीर बन गया है कि कैसे पुख्ता सबूतों के बावजूद प्रशासनिक अमला भ्रष्टाचारियों के आगे नतमस्तक है। सत्याग्रहियों ने राज्य सरकार और जिला कलेक्टर को खुली चेतावनी दी है कि यदि पंचायत अधिनियम की धारा 40 का प्रयोग कर जल्द ही इन दागी जनप्रतिनिधियों को उनके पदों से बर्खास्त नहीं किया गया, तो यह आंदोलन उग्र रूप लेगा। अगर न्याय नहीं मिला तो सड़क से लेकर राजधानी तक इस भ्रष्टाचार की गूंज सुनाई देगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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