मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ मध्यप्रदेश की मंदसौर नारकोटिक्स विंग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टीम ने सोमवार रात नीमच जिले के लोडकिया फंटे (आंत्रीमाता फंटा) पर सघन नाकेबंदी के दौरान करीब 3.5 क्विंटल (350 किलो) अवैध डोडाचूरा से भरी एक स्कॉर्पियो को पकड़ा है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके से राजस्थान के जोधपुर जिले के तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। इस जब्ती को जिले में नशे के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसके बाद से ही नीमच जिले के कई संदिग्ध तस्कर भूमिगत हो गए हैं।
मौके से पुलिस ने स्कॉर्पियो चला रहे आरोपी लखमाराम (निवासी ग्राम फीच, जिला जोधपुर, राजस्थान) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। फिलहाल उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जब्त किया गया यह लाखों का डोडाचूरा नीमच जिले के देवरी खवासा गांव निवासी विनोद पाटीदार द्वारा स्कॉर्पियो में भरवाया गया था। इस खेप को राजस्थान के ओसियां क्षेत्र में संतोष नामक व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। इस बड़ी स्ट्राइक के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस को अंदेशा है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अन्य तस्करों के नाम सामने आ सकते हैं। इसी डर से कई बड़े और स्थानीय तस्कर अंडरग्राउंड हो गए हैं।
मुखबिर का ‘डबल गेम’ और नारकोटिक्स की फुर्ती
इस पूरी कार्रवाई में सबसे चर्चा का विषय मुखबिर की भूमिका रही है। बताया जा रहा है कि मुखबिर ने ‘दोनों हाथों में लड्डू’ रखने की तर्ज पर डोडाचूरा की इस बड़ी खेप की सूचना मनासा थाना पुलिस को भी दी थी। सूत्रों के अनुसार, मुखबिर ने दोनों पक्षों (नारकोटिक्स और मनासा पुलिस) को माल निकलने की पुख्ता जानकारी दी थी। लेकिन इस रेस में मंदसौर नारकोटिक्स विंग ने गजब की फुर्ती दिखाई।
नशे के अवैध कारोबार पर एक बड़ा प्रहार
सूचना मिलते ही नारकोटिक्स की टीम ने तेजी से नीमच जिले में प्रवेश किया और लोडकिया फंटे पर घेराबंदी कर दी। मनासा पुलिस के पहुंचने से पहले ही नारकोटिक्स टीम ने तस्कर को स्कॉर्पियो और माल सहित धर दबोचा और इस बड़ी सफलता को अपने नाम कर लिया। नारकोटिक्स विंग की इस तेज और सटीक कार्रवाई से जहां मादक पदार्थ तस्करों के मंसूबों पर पानी फिरा है, वहीं जिले में नशे के अवैध कारोबार पर एक बड़ा प्रहार भी हुआ है। अब पुलिस विनोद पाटीदार और ओसियां के संतोष की सरगर्मी से तलाश कर रही है।






