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उमंग सिंघार ने किसानों के मुद्दों पर CM को लिखा पत्र, गेहूं खरीदी 3000 रुपये क्विंटल, ऋण वसूली की अंतिम तारीख 30 अप्रैल करने की मांग

Written by:Atul Saxena
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उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा केंद्र सरकार के आंकड़े खुद बता रहे हैं, देश के किसानों पर करीब ₹32.65 लाख करोड़ का कर्ज है, जबकि मध्यप्रदेश के किसानों पर ही लगभग ₹1.70 लाख करोड़ का बोझ है।
उमंग सिंघार ने किसानों के मुद्दों पर CM को लिखा पत्र, गेहूं खरीदी 3000 रुपये क्विंटल, ऋण वसूली की अंतिम तारीख 30 अप्रैल करने की मांग

Umang Singhar

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किसानों के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा है और उसमें उन्होंने मांग की है कि किसानों की ऋण वसूली की अंतिम तिथि 31 मार्च के स्थान पर स्थायी रूप से 30 अप्रैल निर्धारित की जाए। सिंघार ने गेहूं की खरीदी 3000/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर करने की भी मांग की है।

उमंग सिंघार ने आज 24 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को एक पत्र लिखा है कि  प्रदेश के किसान इस समय आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। प्रदेश में सरकार द्वारा गेहूं खरीदी की प्रक्रिया 01 अप्रैल से “भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तथा सहकारी समितियों के माध्यम से प्रारंभ की जाती है। ऐसी स्थिति में किसानों के लिए 31 मार्च तक ऋण जमा करना अत्यंत कठिन हो जाता है।

सिंघार ने बताया कि पहले किसानों के ऋण की वसूली की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक रहती थी, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचकर ऋण चुकाने का पर्याप्त समय मिल जाता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में अंतिम तारीख 31 मार्च कर दी गई, जिसके कारण अनेक किसान समय पर ऋण जमा नहीं सके और अनजाने में डिफाल्टर घोषित हो गए।

उमंग सिंघार ने की ये मांग

  • किसानों की ऋण वसूली की अंतिम तिथि 31 मार्च के स्थान पर स्थायी रूप से 30 अप्रैल निर्धारित की जाए। जो किसान तिथि परिवर्तन के कारण डिफाल्टर घोषित हो गए हैं, उन्हें राहत प्रदान करते हुए उनका कर्ज माफ किया जाए या विशेष छूट दी जाए।
  • राज्य सरकार द्वारा चुनाव पूर्व घोषणा अनुसार किसानों से 3000/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं की खरीदी प्रारंभ की जाए।  किसानों को एम.एस.पी. पर समय पर गेहूं खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

गेहूं की MSP पर कांग्रेस के निशाने पर है सरकार 

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस लंबे समय से प्रदेश की भाजपा सरकार को गेहूं की एमएसपी पर घेर रही है, कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में 3000 रुपये क्विंटल का वादा किया था जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है, नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर मुख्यमंत्री को वही वादा याद दिलाया है

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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