Hindi News

गुजरात विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल 2026 पेश, अहमदाबाद की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

Written by:Banshika Sharma
Published:
उत्तराखंड के बाद गुजरात भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बढ़ गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विधानसभा में 'गुजरात समान नागरिक संहिता, 2026' विधेयक पेश कर दिया है, जिसमें बहुविवाह पर रोक और लिव-इन संबंधों के अनिवार्य पंजीकरण जैसे अहम प्रावधान शामिल हैं। इस विधेयक के पेश होते ही सड़कों पर विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया है।
गुजरात विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल 2026 पेश, अहमदाबाद की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

अहमदाबाद: गुजरात सरकार ने राज्य में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में एक समान कानून बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को विधानसभा में ‘गुजरात समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, 2026’ पेश किया। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो उत्तराखंड के बाद गुजरात यूसीसी लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा।

इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राज्य में एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करना है। इसमें शादी की उम्र, बहुविवाह पर रोक और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण जैसे कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। हालांकि, अनुसूचित जनजातियों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है, जिनके पारंपरिक अधिकार संविधान के तहत संरक्षित हैं।

उत्तराखंड के नक्शेकदम पर गुजरात

उत्तराखंड ने फरवरी 2024 में ही समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया था। गुजरात सरकार ने भी इसी तर्ज पर एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। इस समिति ने एक सप्ताह पहले ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसके आधार पर यह विधेयक तैयार किया गया है। यह कानून न केवल गुजरात में रहने वाले निवासियों पर, बल्कि राज्य से बाहर रह रहे गुजरातियों पर भी समान रूप से लागू होगा।

विधेयक के मुख्य प्रावधान क्या हैं?

इस विधेयक में कई दूरगामी बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, जिनका असर सीधे तौर पर सामाजिक ताने-बाने पर पड़ेगा।

बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध: विधेयक के अनुसार, कोई भी विवाह तभी वैध माना जाएगा जब विवाह के समय दोनों पक्षों में से किसी का कोई जीवनसाथी जीवित न हो। इसका मतलब है कि एक से अधिक विवाह करना गैरकानूनी होगा।

लिव-इन संबंधों का पंजीकरण: इस विधेयक की एक और महत्वपूर्ण बात लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण है। साथ ही, संबंधों को समाप्त करने के लिए भी एक औपचारिक घोषणा का प्रावधान किया गया है।

अहमदाबाद में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

जैसे ही सरकार ने विधानसभा में यूसीसी बिल पेश किया, सड़कों पर इसका विरोध भी देखने को मिला। अहमदाबाद के लाल दरवाजा इलाके में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के कार्यकर्ताओं ने इस बिल के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके अलावा, AIMIM भी इस विधेयक का पुरजोर विरोध कर रही है और उसके कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हैं।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
Follow Us :GoogleNews