चाइल्ड फ्रेंडली अवॉर्ड में प्रदेश में नीमच जिले की पंचायत अव्वल

चाइल्ड फ्रेंडली अवॉर्ड में प्रदेश में नीमच जिले की पंचायत अव्वल

नीमच। श्याम जाटव| पंचायत दिवस पर केंद्र सरकार के अंतर्गत ग्रामीण पंचायत एवं विकास मंत्रालय ने नीमच की भरभडिय़ा पंचायत को चाइल्ड फ्रेंडली पंचायत घोषित किया है। यह प्रदेश की एकमात्र पंचायत है, जिसे वर्ष 2019-20 के लिए सम्मान दिया गया।

लगभग 4 हजार आबादी की इस पंचायत में कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं है। शुक्रवार को दिल्ली से जारी पुरस्कारों की सूची में इसे चाइल्ड फ्रेंडली पंचायत कैटेगरी का यह अवॉर्ड दिया गया। शीघ्र ही सम्मान के साथ 5 लाख रुपये की राशि पंचायत को मिलेगी। लॉकडाउन के कारण सम्मान समारोह दिल्ली में आयोजित नहीं हो सका। इस उपलब्धि पर सरपंच हंसा जाटव व सचिव राजेंद्र कुमार नागर ने जिला प्रशासन व जिला पंचायत के अधिकारियों का आभार जताया है। कलेक्टर जितेंद्र सिंह राजे ने पंचायत प्रबंधन को बधाई दी। इस पंचायत को इसके पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं।

खुशी की बात है कि मेरी ग्राम पंचायत को बाल मित्र पँचायत का नेशनल अवार्ड मिला है। तीन महीने तक इस अवार्ड की प्रक्रिया के लिए जिला पंचायत में सीईओ के साथ बैठकर सचिव राजेन्द नागर और सहायक सचिव अजय पाटीदार ने रात दिन करके ऑनलाइन इंट्री की। जिसका परिणाम ये रहा कि पंचायतीराज दिवस पर केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश से केवल मेरी पँचायत को ही पुरस्कार के लिए चयन किया। मै सभी सहयोग करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी एनएम और आशा कार्यकताओं और गांव के सभी लोगों को वधाई देती हूं।
-हंसा जाटव,सरपँच ग्राम पंचायत भरभड़िया

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews