नीमच जिले के खिमला स्थित ग्रिंको प्रोजेक्ट में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। दरअसल निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों को ऊपर ले जा रही लिफ्ट अचानक करीब 100 फीट नीचे गिर गई। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक लिफ्ट में सवार कम से कम 9 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें से एक मजदूर की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल हादसे के तुरंत बाद पूरे प्रोजेक्ट परिसर में चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद मजदूर और कर्मचारी घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े। प्रोजेक्ट के निजी डॉक्टरों की टीम भी तुरंत मौके पर पहुंची और घायल मजदूरों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया।
घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया
वहीं घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल भेजने का फैसला लिया गया। इसके बाद तीन अलग-अलग एम्बुलेंसों से सभी घायल मजदूरों को नीमच जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल मजदूर को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है और विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार उसकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है।
मजदूरों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए?
दरअसल इस हादसे के बाद कुछ ऐसे दावे भी सामने आए हैं, जिन्होंने मामले को और गंभीर बना दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार घटना के तुरंत बाद प्रोजेक्ट प्रबंधन ने वहां मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन कथित तौर पर जब्त कर लिए। इस वजह से पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि हादसे के बाद कई संबंधित अधिकारियों के मोबाइल फोन बंद हो गए और कुछ अधिकारी मौके पर दिखाई भी नहीं दिए। हालांकि इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन चर्चाओं ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
हादसे की असली वजह सामने नहीं आई
फिलहाल हादसे की असली वजह सामने नहीं आई है। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि लिफ्ट तकनीकी खराबी के कारण गिरी या फिर किसी मानवीय लापरवाही की वजह से यह दुर्घटना हुई। प्रशासन और संबंधित विभाग अब पूरे मामले की जांच करेंगे। जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है और सुरक्षा व्यवस्था में कहां कमी रह गई।
कमलेश सारडा की रिपोर्ट






