नीमच पुलिस ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता के लिए अनोखी पहल शुरू की है। दरअसल जिले में 26 से 30 जुलाई तक दशहरा मैदान पर फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के जरिए युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा। देशभर में फुटबॉल की पहचान रखने वाले नीमच में इस टूर्नामेंट में जिले के 16 क्लबों की 16 टीमें हिस्सा लेंगी। पुलिस का मानना है कि खेलों से जुड़ने वाले युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहेंगे और समाज में सकारात्मक माहौल बनेगा।
दरअसल इस टूर्नामेंट की एक अनूठी विशेषता यह है कि प्रत्येक मैच की शुरुआत से पहले, मैदान में उपस्थित सभी खिलाड़ी और दर्शक सामूहिक रूप से नशे से दूर रहने की शपथ लेंगे। यह शपथ ‘स्वस्थ नीमच, नशा-मुक्त नीमच’ के संकल्प को दोहराते हुए, प्रत्येक व्यक्ति को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने का काम करेगी। यह पहल न केवल खिलाड़ियों को बल्कि दर्शकों और पूरे समुदाय को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने का काम करेगी।
नशे को छोड़ो, खेल को जोड़ो: राजेश व्यास
वहीं नीमच पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने इस महत्वाकांक्षी अभियान के संबंध में विशेष बातचीत में अपने विचार साझा किए। दरअसल उन्होंने स्पष्ट किया कि नीमच की पहचान केवल फुटबॉल के मैदान पर प्रदर्शन से ही नहीं है, बल्कि यहां की खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी इसकी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने शहर के सभी खिलाड़ियों, युवाओं और खेल प्रेमी जनता से इस महत्वपूर्ण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की हार्दिक अपील की। पुलिस अधीक्षक ने अपने संदेश में जोर देते हुए कहा, “नशे को छोड़ो, खेल को जोड़ो।” यह वाक्य इस पूरे अभियान का मूल मंत्र है, जो युवा पीढ़ी को एक स्पष्ट दिशा प्रदान करता है।
युवाओं को खेल के माध्यम से सशक्त बनाना सबसे बड़ा उद्देश्य
दरअसल पुलिस अधीक्षक व्यास ने आगे कहा कि यदि युवा वर्ग मैदानों से जुड़ेगा, खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेगा, तो नशे जैसी बुराई से उनकी दूरी अपने आप बन जाएगी। उनका मानना है कि खेल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए तो आवश्यक हैं ही, साथ ही यह युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखकर उन्हें गलत रास्तों पर जाने से भी रोकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यही इस जन जागरूकता अभियान का सबसे बड़ा और प्राथमिक उद्देश्य है युवाओं को खेल के माध्यम से सशक्त बनाना और उन्हें नशे के चंगुल से बचाना। यह अभियान नीमच को एक स्वस्थ और नशा-मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट






