नीमच। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और Mrs. India 2017 परिधि भटनागर ने नीमच में नशामुक्ति के प्रति एक सशक्त संदेश दिया है। उन्होंने नीमच पुलिस द्वारा संचालित जनजागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ का समर्थन करते हुए लोगों से नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। परिधि भटनागर ने अपने इस महत्वपूर्ण संदेश के माध्यम से समाज को नशे के गंभीर परिणामों के प्रति आगाह किया और एक सुरक्षित तथा स्वस्थ भविष्य की नींव रखने की अपील की।
परिधि भटनागर, जो कि Mrs. India 2017 का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर चुकी हैं और सोशल मीडिया पर एक बड़ी संख्या में अनुयायियों के साथ एक प्रभावशाली हस्ती हैं, ने अपने मंच का उपयोग समाज कल्याण के लिए किया है। उनकी यह पहल युवाओं और आम नागरिकों के बीच नशामुक्ति के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने अपने संबोधन में अत्यंत गंभीरता से इस बात पर जोर दिया कि नशा केवल एक व्यक्ति के जीवन को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और अंततः समाज के भविष्य को भी अंधकारमय कर देता है। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे नशे की लत में फंसा व्यक्ति न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होता चला जाता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी टूट जाता है। इसका सीधा असर उसके परिवार पर पड़ता है, जहां शांति और खुशहाली की जगह तनाव, कलह और आर्थिक संकट घर कर जाते हैं। बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है और परिवारों की सामाजिक प्रतिष्ठा भी धूमिल होती है।
जागरूक नागरिकों से पुलिस का सहयोग करने की अपील
नशे का दुष्प्रभाव केवल व्यक्तिगत या पारिवारिक दायरे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह समाज में अपराधों को बढ़ावा देता है, कानून-व्यवस्था के लिए चुनौतियां खड़ी करता है और उत्पादकता को कम करता है। एक स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के निर्माण में नशे की प्रवृत्ति एक बड़ी बाधा है। परिधि भटनागर ने सभी नागरिकों से यह आग्रह किया कि वे नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, चाहे वह ड्रग्स की बिक्री हो, उसका सेवन हो या किसी अन्य प्रकार का अवैध कृत्य हो, उसकी जानकारी बिना किसी देरी के तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन अकेले इस चुनौती से नहीं निपट सकता; उसे समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है।
पुलिस विभाग द्वारा ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ जैसे अभियान इसी उद्देश्य से चलाए जा रहे हैं कि आम जनता को नशे के खतरों से अवगत कराया जा सके और उन्हें इस सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़ा होने के लिए प्रेरित किया जा सके। ऐसे अभियानों की सफलता में जनभागीदारी सर्वोपरि है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि एक जागरूक नागरिक ही किसी भी सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी और सबसे मजबूत ताकत होता है। जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सचेत होते हैं, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव हो पाता है।
भटनागर बोलीं- ‘से नो टू ड्रग्स’ का संकल्प लें
भटनागर ने सभी उपस्थित लोगों और अपने सोशल मीडिया अनुयायियों से यह आह्वान किया कि वे सभी मिलकर ‘से नो टू ड्रग्स’ (Say No to Drugs) का संकल्प लें। यह संकल्प केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से लिया जाना चाहिए ताकि एक मजबूत और नशामुक्त भारत का निर्माण किया जा सके। यह समय की मांग है कि हम सभी मिलकर इस गंभीर समस्या के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास करें। परिधि भटनागर का यह संदेश नीमच ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में हर किसी की भागीदारी आवश्यक है।






