समाज को नशे के अभिशाप से मुक्त करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है, विशेषकर जब बात युवा पीढ़ी के भविष्य की हो। नशे की गिरफ्त में आती युवा शक्ति को बचाना आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है, जिसके लिए समाज के हर तबके को आगे आना होगा और संकल्प लेना होगा। इसी दृढ़ निश्चय के साथ, प्रदेशव्यापी ‘नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0’ के तहत नीमच जिले के मनासा स्थित शासकीय सांदीपनि विद्यालय में बुधवार को एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के भयावह दुष्परिणामों से अवगत कराना था।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मन को भी भीतर से खोखला कर देता है। उन्होंने जोर देकर बताया कि नशे की लत व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर करने के साथ-साथ मानसिक भय, चिंता और अवसाद की ऐसी दलदल में धकेल देती है, जहाँ से निकलना अत्यंत कठिन हो जाता है। एसपी व्यास ने समझाया कि एक बार निश्चय होकर यह ठान लें कि नशा नहीं करना है तो फिर कोई भी शक्ति नशे की गिरफ्त में नहीं आ सकती। उन्होंने युवाओं को बताया कि यह केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि इससे परिवार, समाज और अंततः राष्ट्र का भविष्य भी प्रभावित होता है। एक स्वस्थ और जागरूक युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र की नींव रख सकती है।
नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने की शक्ति देते हैं खेल
पुलिस अधीक्षक ने युवा मन को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करते हुए कहा कि ऊर्जा को सही दिशा में लगाना ही वास्तविक शक्ति है। उन्होंने छात्रों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि खेल न केवल शारीरिक स्फूर्ति प्रदान करते हैं बल्कि मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता भी सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि खेल हमें जीवन की चुनौतियों का सामना करना सिखाते हैं और हमें नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने की शक्ति देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि यदि कोई उन्हें नशे के दलदल में खींचने का प्रयास करे, उन्हें नशे के लिए उकसाता है, तो बिना किसी झिझक के तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस हमेशा उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर है और ऐसे नशे के कारोबारियों के खिलाफ अधिकारी सख्त कार्रवाई करें, जो मासूमों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।
मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्ति का संदेश
इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों ने एक अनूठा और प्रभावशाली संदेश दिया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। उन्होंने ‘No Drugs’ (नो ड्रग्स) के आकार में एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया कि युवा पीढ़ी नशे के खिलाफ एकजुट है और इस बुराई को जड़ से खत्म करने को प्रतिबद्ध है। यह मानव श्रृंखला केवल एक प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह युवाओं की नशामुक्ति के प्रति प्रतिबद्धता और समाज को जागरूक करने की उनकी प्रबल इच्छा का प्रतीक थी। यह दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कह रहा था कि बच्चे नशे की तरफ न जा पाएंं इसका सभी को ध्यान रखना होगा।
पुलिस अधीक्षक ने छात्रों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के अंत में, पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित सभी छात्रों और शिक्षकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। इस शपथ के माध्यम से सभी ने स्वयं को नशे से दूर रखने और अपने आसपास के समाज को भी इस भयावह बुराई के प्रति जागरूक करने का दृढ़ संकल्प लिया। इस शपथ ने सभी में एक नई ऊर्जा और जिम्मेदारी का अहसास जगाया कि वे अपने हिस्से का योगदान देकर एक नशामुक्त समाज के निर्माण में सहायक बनेंगे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में एसडीओपी साबेरा अंसारी, थाना प्रभारी निलेश अवस्थी, उप निरीक्षक सपना राठौर सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को सफल बनाने में अपना योगदान दिया और यह सुनिश्चित किया कि नशामुक्ति का यह संदेश हर घर तक पहुँचे।






