नीमच जिले में तैनात 50 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। वे कनावटी पुलिस लाइन में पदस्थ थे। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मृतक के पास से तीन पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो डीजीपी, आईजी, डीआईजी और एसपी के नाम लिखा गया है। नोट में उन्होंने विभागीय भ्रष्टाचार और पुलिस लाइन के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार, होशियार सिंह पिछले पांच दिनों से अवकाश पर थे और सोमवार से उन्हें ड्यूटी पर लौटना था। वे स्वास्थ्यगत कारणों से छुट्टी बढ़वाना चाहते थे और रविवार को इसके लिए पुलिस खुद पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। लेकिन वहां कुछ ऐसी बात हुई जिसेस आहत होकर उन्होंने वही ज़हर खा लिया। इसके कुछ ही देर बाद वे वहीं गिर पड़े जिससे कंट्रोल रूम में अफरातफरी मच गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हेड कॉन्स्टेबल ने जहर खाकर जान दी
नीमच के कनावटी पुलिस लाइन में तैनात 50 वर्षीय प्रधान आरक्षक हेड कांस्टेबल होशियार सिंह ने रविवार दोपहर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि पुलिस कंट्रोल रूम में ही उन्होंने ज़हर खा लिया और फिर वहां मौजूद स्टाफ को अपनी स्थिति बताने के बाद गिर पड़े। इसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सुसाइड नोट में पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
होशियार सिंह पिछले पांच दिनों से स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे और सोमवार से ड्यूटी पर लौटने वाले थे। बताया जा रहा है कि वे अपनी छुट्टी बढ़वाने रविवार को पुलिस कंट्रोल रुम पहुंचे थे। इस घटना के बाद उनके द्वारा लिखा गया चार पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमें उन्होंने डीजीपी, डीआईजी और एसपी को संबोधित करते हुए विभाग में भ्रष्टाचार और पुलिस लाइन अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह ने लिखा है कि नीमच जिले में पुलिस व्यवस्था में भ्रष्टाचार व्याप्त है और “सब कुछ पैसों में बिक रहा है।” सुसाइट नोट में उल्लेख किया गया है कि थानों की ड्यूटी, पीसीआर-1, पीसीआर-2, पुलिस लाइन का रोजनामचा, जिम और खेल गतिविधियां तक पैसों के आधार पर आवंटित की जाती हैं। सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया है कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी लगाने के बदले पैसे लेते हैं और जो पैसा देता है उसके प्रति सहानुभूति रखी जाती है। इस नोट में कुछ अधिकारियों के निजी आचरण और कथित लेन-देन का भी उल्लेख किया गया है। होशियार सिंह ने पत्र में यह तक लिखा है कि यदि व्यवस्था ऐसी ही है, तो उन्हें आत्महत्या की अनुमति प्रदान की जाए। इस घटना के बाद नीमच पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। फ़िलहाल





