नीमच नपा में ‘नामांतरण’ को लेकर घमासान, सरेआम भिड़े पार्षद और नेता प्रतिपक्ष, ‘सेटलमेंट’ के लगे गंभीर आरोप

नामांतरण पास होने के बाद नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने भी पार्षदों पर पलटवार किया। वे परिषद के बाहर आकर धरने/अनशन पर बैठ गए और आरोप लगाया कि पार्षदों ने पैसे लेकर इस नामांतरण को पास कराया है।
Neemuch Nagar Palika Dispute

Neemuch Nagar Palika Dispute

मध्य प्रदेश के नीमच शहर की नगर पालिका इन दिनों राजनीतिक अखाड़ा बन गई है। संपत्तियों के नामांतरण (Mutation) के मुद्दे को लेकर पार्षदों और नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान अब सड़क पर आ गई है। दोनों पक्षों के बीच बीच सड़क पर हुई तीखी नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने नेता कांग्रेस के ही प्रतिपक्ष पर नामांतरण के एवज में ‘निजी सेटलमेंट’ न होने पर द्वेषपूर्ण राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है।
सड़क पर हुई फजीहत, पार्षद बोले- “तुझे ज्यादा नहीं मिल रहे तो…”।

विवाद की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें कुछ पार्षद नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति को सरेआम घेरकर खरी-खोटी सुनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में पार्षदों का आक्रोश साफ तौर पर देखा जा सकता है। तीखी बहस के दौरान पार्षदों ने नेता प्रतिपक्ष की कार्यप्रणाली पर सीधा तंज कसते हुए कहा, “तुझे ज्यादा नहीं मिल रहे हैं, तो तूने विरोध करना शुरू कर दिया।” बीच सड़क सरेआम हुई इस फजीहत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों के बीच भारी असंतोष और सौदेबाजी को लेकर टकराव है।

350 में से सिर्फ एक फाइल पर अटकी सुई

इस पूरे हंगामे के बाद एक पार्षद प्रतिनिधि ने मीडिया के सामने आकर विवाद की असली वजह का सनसनीखेज खुलासा किया।  बघाना क्षेत्र के पार्षद प्रतिनिधि शराफत हुसैन के अनुसार नगर पालिका परिषद की हालिया बैठक में करीब 350 नामांतरण के प्रस्ताव रखे गए थे। परिषद ने इन सभी को पास कर दिया, लेकिन आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने बोहरा समाज की ‘सकीना’ नामक एक गरीब महिला के नामांतरण पर अड़ंगा लगा दिया।

नेता प्रतिपक्ष पर सेटलमेंट का आरोप

काग्रेस पार्षद प्रतिनिधि शराफत हुसैन का का दावा है कि योगेश प्रजापति जो नेता प्रतिपक्ष है और कांग्रेस से हैं पूर्व में भी इस महिला के नामांतरण को निरस्त करवाया था। उन्होंने सरेआम आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष की इस मामले में कोई व्यक्तिगत ‘खुन्नस’ है या उनका कोई ‘सेटलमेंट’ नहीं हो पाया, जिसके चलते वे इस एकमात्र फाइल का विरोध कर रहे हैं।

रिश्वत के दावों पर पार्षदों का पलटवार

नामांतरण पास होने के बाद नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने भी पार्षदों पर पलटवार किया। वे परिषद के बाहर आकर धरने/अनशन पर बैठ गए और आरोप लगाया कि पार्षदों ने पैसे लेकर इस नामांतरण को पास कराया है। इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए पार्षदों ने स्पष्ट किया कि किसी भी पार्षद ने कोई लेन-देन नहीं किया है। पार्षदों का तर्क है कि महिला का नामांतरण नियम अनुसार पूरी तरह सही था, कोई बड़ा मामला नहीं था, इसीलिए पूरी परिषद ने सर्वसम्मति से इसे पास किया। पार्षदों ने नेता प्रतिपक्ष को चुनौती दी है कि वे साबित करें कि पैसे किसने लिए हैं। उन्होंने इसे नेता प्रतिपक्ष का ‘ड्रामा’ करार दिया है।

राजनीतिक गलियारों में मची हलचल

इस घटनाक्रम ने नीमच नगर पालिका में चल रही गुटबाजी को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। नामांतरण जैसे जनहित के मुद्दे पर ‘सेटलमेंट’ और रिश्वतखोरी के खुले आरोपों और वायरल वीडियो ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस सार्वजनिक विवाद के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर पूरे शहर की निगाहें टिकी हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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