नीमच जिले की सिंगोली तहसील में प्रस्तावित सौर ऊर्जा प्लांट की जमीन खरीद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि स्थानीय बिचौलियों और दलालों का एक नेटवर्क फुंसरियाँ, धनगाँव, थडोद, धारडी, खोलपुरा, बड़ी और सोडीजर गांवों में गरीब किसानों को गुमराह कर अहस्तांतरणीय (जो बेची न जा सके) शासकीय पट्टे की जमीनों के सौदे करवा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंगोली तहसीलदार ऋषभ कुमार ठाकुर ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने साफ किया है कि पट्टे की जमीन का इस तरह अनुबंध पूरी तरह अवैध है और प्राथमिक जांच रिपोर्ट SDM को सौंप दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करते हुए सिंगोली के गांवों में महज 100 रुपये के नोटरी एग्रीमेंट पर सैकड़ों बीघा जमीन के सौदे कागजों में दर्ज कर लिए गए।
मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता के अनुसार, 20-सूत्रीय कार्यक्रम के तहत भूमिहीन परिवारों को दी गई जमीन अहस्तांतरणीय होती है। इसे कलेक्टर या सक्षम राजस्व अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना न तो बेचा जा सकता है और न ही किसी निजी कंपनी को लीज पर दिया जा सकता है। ऐसा कोई भी एग्रीमेंट शून्य और गैर-कानूनी माना जाता है।
किसानों में डराने-धमकाने का आरोप
ग्रामीणों के कहना है बिचौलियें टोलियां बनाकर गांव-गांव घूम रहे हैं और कम पढ़े-लिखे किसानों पर दबाव बना रहे हैं। किसानों को यह कहकर डराया जा रहा है कि अगर उन्होंने अभी सहमति नहीं दी, तो आने वाले दिनों में सरकार नियम बदलकर जमीन बिना किसी मुआवजे के ले लेगी। इस डर के कारण कई किसान बिना सोचे-समझे अंगूठा लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
एडवांस में मामूली रकम, एग्रीमेंट की कॉपी तक नहीं दी
पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्हें केवल टोकन मनी के रूप में कुछ हजार रुपये दिए गए हैं। बाकी रकम कब मिलेगी, इसकी कोई स्पष्ट तारीख या शर्त एग्रीमेंट में दर्ज नहीं है। किसानों को उनके किए गए अनुबंध की कॉपी तक नहीं सौंपी जा रही। कागजों में यह शर्त जोड़ दी गई है कि मूल दस्तावेज केवल प्रथम पक्ष (कंपनी/दलाल) के पास रहेगा, जिससे किसानों में यह आशंका गहरा गई है कि बाद में उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
पहले से लगे सोलर प्लांट से खेती प्रभावित
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी ग्राम पंचायत और आसपास के इलाकों में पहले से ही हजारों बीघा जमीन पर सोलर पैनल लगे हुए हैं। किसानों का आरोप है कि बड़े पैमाने पर सोलर प्लांट लगने से क्षेत्र का तापमान बढ़ा है और मवेशियों के चरने के लिए चरागाह खत्म हो रहे हैं। अगर उपजाऊ और पट्टे की जमीनों पर भी इसी तरह प्लांट फैलाए गए, तो खेती और पर्यावरण दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।
तहसीलदार ने शुरू की जांच, एसडीएम को भेजा रिपोर्ट
ऋषभ कुमार ठाकुर, तहसीलदार, सिंगोली का कहना है कि शासकीय पट्टे की भूमि को निजी कंपनियों या व्यक्तियों द्वारा बिना सक्षम अनुमति के खरीदना या लीज पर लेना कानूनन अपराध है। सिंगोली क्षेत्र से इस संबंध में शिकायतें मिली थीं। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए एसडीएम को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों और बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई होगी वहीं कंपनी के महिपाल सिंह राजपुरोहित सौर ऊर्जा प्लांट जोधपुर का कहना है। जमीन को नियमों के अनुसार खरीदा गया है।
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर नोटरी के जरिए हो रहे इन अवैध सौदों को निरस्त करने और और दलालों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट






