नीमच में ड्रग्स के काले कारोबार को तब बड़ा झटका लगा जब स्थानीय पुलिस ने एक बड़े महा-ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस रातों-रात की गई सर्जिकल स्ट्राइक में 52 लाख 25 हजार रुपये की सिंथेटिक ड्रग एमडी (MDMA) और शुद्ध अफीम जब्त की गई। पुलिस ने राजस्थान के दो शातिर तस्करों को मौके से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेल दिया है। इस बड़ी धरपकड़ से ड्रग्स माफिया में हड़कंप मच गया है और पुलिस का दावा है कि उन्होंने नीमच को ‘उड़ता पंजाब’ की तर्ज पर ‘उड़ता नीमच’ बनने से बचा लिया है।
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के नेतृत्व में यह सनसनीखेज भंडाफोड़ नयागांव और जीरन पुलिस ने मिलकर किया। यह नीमच पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स विरोधी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसने न केवल स्थानीय तस्करों बल्कि खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। पकड़ी गई एमडी की खेप इतनी बड़ी है कि इससे साफ है कि तस्कर नीमच में युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने की बड़ी साजिश रच रहे थे।
लग्जरी कार में 500 ग्राम एमडी और 15 किलो डोडाचूरा जब्त
नयागांव चौकी पुलिस को नीमच-निम्बाहेड़ा हाईवे पर आधी रात को ड्रग्स की एक बड़ी खेप गुजरने की गोपनीय सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी की। सड़क पर आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन पर पैनी नजर रखी जा रही थी। कुछ देर बाद, एक लग्जरी हुंडई i20 कार (नंबर RJ-42-CA-0916) को संदिग्ध परिस्थितियों में आता देख उसे रोकने का इशारा किया गया।
कार चालक ने पुलिस को देखते ही गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली। पुलिस टीम ने तेजी से पीछा कर कार को कुछ ही दूरी पर इंटरसेप्ट कर लिया। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। कार की सीटों के नीचे और डिग्गी से 500 ग्राम एमडी (मिथाइलीनडाइऑक्सी-मेथामफेटामाइन) बरामद हुई। यह ‘पार्टी ड्रग’ के नाम से मशहूर है और इसकी लत युवाओं में तेजी से फैल रही है। बरामद एमडी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में आंकी गई है। इसके साथ ही, पुलिस को कार से 15 किलोग्राम डोडाचूरा भी मिला, जिसका उपयोग अक्सर नशेड़ी नशे के लिए करते हैं।
इस करोड़ों के इंटरनेशनल सिंडिकेट के तार नागौर (राजस्थान) के तस्कर राजूराम जाट (42) से जुड़े मिले, जिसे पुलिस ने मौके से ही धर दबोचा। राजूराम जाट से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके स्रोत का पता चल सके। एमडी की इतनी बड़ी खेप का पकड़ा जाना यह संकेत देता है कि ड्रग्स तस्कर नीमच जिले को पंजाब की तर्ज पर नशे का एक नया गढ़ ‘उड़ता नीमच’ बनाने की साजिश में थे, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया।
पुलिस को देख भागा तस्कर, घेराबंदी कर पकड़ा गया
दूसरी तरफ, जीरन पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई जारी रखी। आवरीमाता-चीताखेड़ा रोड पर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान, एक बिना नंबर की बाइक पर आ रहा एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखते ही घबरा गया। यह चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) का रहने वाला तस्कर नारायण सिंह (35) था। उसने तुरंत अपनी बाइक मोड़ी और तेजी से भागने की कोशिश की।
लेकिन जीरन पुलिस टीम ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए उसका पीछा किया। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की रणनीति अपनाई और कुछ ही दूरी पर नारायण सिंह को उसकी बाइक समेत धर दबोचा। तलाशी लेने पर, उसकी बाइक की टंकी पर रखी एक थैली से 2 किलो 140 ग्राम शुद्ध अफीम बरामद हुई। अफीम भी इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तस्करी की जाने वाली एक प्रमुख मादक पदार्थ है, जिसकी बाजार में अच्छी-खासी कीमत होती है। नारायण सिंह से पूछताछ में अफीम की सप्लाई चेन और उसके खरीदारों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
इंटरनेशनल कुंडली खंगाल रही पुलिस, माफिया की टूटी कमर
नीमच पुलिस ने दोनों गिरफ्तार तस्करों, राजूराम जाट और नारायण सिंह के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज कर लिए हैं। कुल 52 लाख 25 हजार रुपये के मादक पदार्थों की बरामदगी के बाद अब पुलिस इस बड़े ड्रग सिंडिकेट के पीछे कौन से बड़े खिलाड़ी काम कर रहे हैं, इसकी ‘अंतरराष्ट्रीय कुंडली’ खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के तार सिर्फ राजस्थान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अंतरराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैला हुआ हो सकता है।
इस बंपर कार्रवाई से ड्रग माफियाओं की कमर टूट गई है और उन्हें एक कड़ा संदेश मिला है कि नीमच में नशे का कारोबार नहीं चलने दिया जाएगा। एसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि पुलिस ड्रग्स के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रखेगी और ऐसे सभी अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि जिले को पूरी तरह से नशामुक्त बनाया जा सके और युवाओं को नशे के चंगुल से बचाया जा सके।





