नीमच एसपी का बड़ा एक्शन, डोडाचूरा तस्करी में गिरफ्तार पुलिस आरक्षक बर्खास्त

मंदसौर जिले की बूढा चौकी प्रभारी शुभम व्यास ने मुखबिर सूचना पर मंजाखेडी-बूढा के बीच नाकेबंदी के दौरान एक कार को रोका था, कार की तलाशी में 30 किलो डोडाचूरा मिला। कार में आरक्षक राजेंद्र सिंह व भगतसिंह निवाासी चौथखेडी थे पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया, गिरफ़्तारी के बाद नीमच एसपी ने आरक्षक राजेंद्र सिंह कोई निलंबित कर दिया था ।
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नीमच जिले में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही पुलिस को उस समय बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा जब विभाग का ही एक आरक्षक नशे की तस्करी में संलिप्त पाया गया। डोडाचूरा की तस्करी करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए आरक्षक राजेन्द्र सिंह सोंधिया को नीमच पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने सख्त कदम उठाते हुए बर्खास्त कर दिया है।

30 किलो डोडाचूरा के साथ पकड़ा गया था आरक्षक

मामला मंदसौर जिले की बूढ़ा चौकी का है, जहां पुलिस ने आरक्षक राजेन्द्र सिंह को 30 किलो डोडाचूरा का अवैध परिवहन करते हुए गिरफ्तार किया। वह इस अपराध में स्वयं वाहन लेकर शामिल था और मौके से पकड़ा गया। यह आरक्षक नीमच पुलिस लाइन में पदस्थ था और ड्यूटी के दौरान ही गैरहाजिर होकर तस्करी में लिप्त था।

पहले किया गया सस्पेंड, फिर हुई बर्खास्तगी

घटना की सूचना मिलते ही नीमच एसपी अंकित जायसवाल ने तत्काल सस्पेंशन का आदेश दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर अब उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

पुलिस महकमे में हड़कंप

इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। नशे की रोकथाम में जुटी पुलिस के भीतर ही इस प्रकार की संलिप्तता ने कई सवाल खड़े किए हैं। एसपी जायसवाल ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार या आपराधिक गतिविधियों में लिप्त किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई पुलिस महकमे की छवि सुधारने और नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दर्शाती है।

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नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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