मध्यप्रदेश में सरकार भले ही 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही हो लेकिन ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में लगातार बिजली संकट से परेशान ग्रामीण अब सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं और बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में.. नीमच जिले के कई ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती को लेकर लोगों में आक्रोश नजर आया, जिसके बाद हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई।
बता दें कि शुक्रवार शाम जिले के ग्रामीण अंचलों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान किसानों और ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार फूट पड़ा। गिरदौड़ा, परलाई और केलुखेड़ा सहित कई इलाकों में ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नियमित बिजली आपूर्ति की मांग उठाई गई।
ग्रामीणों ने नीमच-मनासा मार्ग पर किया चक्काजाम
बता दें कि विद्युत विभाग की लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने गिरदौड़ा में नीमच-मनासा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इससे पहले गिरदौड़ा ग्रिड पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा भी किया। पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ था।
हंगामें के बीच मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी
वहीं, परलाई ग्रिड पर पहुंचे 40-50 किसानों ने तीखा विरोध जताते हुए कहा कि जब दिनभर बिजली नहीं दी गई, तो अब रात को भी आपूर्ति बंद ही रखी जाये। केलुखेड़ा ग्रिड पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि दिनभर खेतों में काम करने के बाद रात को खाना बनाने के समय बिजली काट दी जाती है। चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर स्थिति शांत कराने के प्रयास किये।
गौरतलब है कि नवरात्रि का त्योहार नजदीक है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती को गंभीर समस्या माना जा रहा है। नवरात्रि के दौरान रास्तों से लेकर पूजा पंडालों तक रोशनी और अन्य व्यवस्थाओं के लिए बिजली की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।






