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मन्नत का धागा बांधकर चोरी करने निकलते थे आरोपी, रतलाम की वारदातों में गुजरात के दाहोद की गैंग का नाम आया सामने

रतलाम पुलिस ने चोरियों की जांच करते हुए गुजरात के दाहोद जिले तक पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य चोरी करने से पहले गांव के देवी मंदिर में मन्नत मांगते थे। वारदात सफल होने पर वापस लौटकर धागा खोलते थे।
मन्नत का धागा बांधकर चोरी करने निकलते थे आरोपी, रतलाम की वारदातों में गुजरात के दाहोद की गैंग का नाम आया सामने

रतलाम में लगातार हो रही चोरी की वारदातों के मामले में पुलिस ने चड्ढी-बनियान गैंग के तीन सदस्यों और चोरी के गहने खरीदने वाले गुजरात के एक ज्वेलर्स को गिरफ्तार किया है। दरअसल पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 किलो 200 ग्राम चांदी, 40 ग्राम सोने के आभूषण और 9 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक गैंग करीब 8 महीने से शहर की कॉलोनियों में चोरी कर रही थी। आरोपी वारदात से पहले मंदिर में मन्नत का धागा बांधते और शनिवार-रविवार को ही चोरी के लिए निकलते थे।

दरअसल आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज और निगरानी के आधार पर की गई है। वहीं गिरफ्तार लोगों में एक आरोपी के खिलाफ गुजरात में साल 2008 से चोरी के करीब 8 मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस एक फरार आरोपी की तलाश कर रही है।

पुलिस ने CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले

शुक्रवार को पुराने कंट्रोल रूम में एएसपी राकेश पंद्रों ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रतलाम में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद एसपी अमित कुमार ने सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में टीम बनाई थी। पुलिस ने शहर के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान आरोपियों का संबंध गुजरात के दाहोद जिले के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र से मिला।

शनिवार-रविवार को चोरी करने निकलती थी गैंग

दरअसल सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के मुताबिक आरोपियों ने चोरी के लिए शनिवार और रविवार का दिन तय कर रखा था। वे शनिवार को अपने मोबाइल बंद करके घर पर रख देते थे और फिर गांव से निकल जाते थे। इसके बाद ट्रेन से अलग-अलग जगह पहुंचते और दिनभर इलाके में घूमते थे। रात होने पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार चोरी के बाद आरोपी अपने कपड़े बदल लेते थे ताकि उनकी पहचान करना मुश्किल हो और CCTV कैमरों में उनके कपड़ों के आधार पर पहचान न हो सके। वारदात से पहले गांव के देवी मंदिर में धागा बांधकर मन्नत मांगने और चोरी सफल होने के बाद उसे खोलने की बात भी आरोपियों के तरीके में शामिल बताई गई है।

आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने दाहोद जिले में करीब एक सप्ताह तक निगरानी की। इसके बाद उन्हें पकड़ने के लिए कार्रवाई की गई। इस दौरान सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के सिर में चोट भी लगी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से रतलाम में हुई दूसरी चोरियों और उनके संभावित साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

चार लोगों को किया गया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कालू (48), पिता भीमा उर्फ भीमजी और नभला (52), पिता भीमा उर्फ भीमजी शामिल हैं। दोनों सगे भाई हैं और गुजरात के दाहोद जिले के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र के अमली गांव के रहने वाले हैं। तीसरा आरोपी मालाभाई (56), पिता जोटाभाई उर्फ जोर सिंह मावी, वाडवा के तालाब फलिया का निवासी है। वहीं चौथा आरोपी मणिशंकर उर्फ पोपटलाल (74), पिता केशवलाल पांचाल, गुजरात के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र के आम्बली गांव का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, मणिशंकर चोरी के आभूषण खरीदता था।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 किलो 200 ग्राम चांदी, 40 ग्राम सोने के आभूषण और 9 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। गैंग का एक अन्य सदस्य संजयभाई, पिता दलसिंह मावी, निवासी वाडवा, जिला दाहोद, फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि चोरी की दूसरी वारदातों और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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