
Neemuch old man reaches collector’s office for 8th time
नीमच जिले के अलोरी गरवाड़ा निवासी बुजुर्ग चांदमल चारण सरकारी स्कूल की जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर एक बार फिर न्याय की आस में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यह उनकी 8वीं दस्तक थी। बार-बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से आहत इस बुजुर्ग ने इस बार विरोध का एक बेहद मार्मिक और अनोखा तरीका अपनाया।
विरोध का मार्मिक दृश्य
कलेक्टर कार्यालय परिसर में चांदमल चारण अपनी हताशा जाहिर करते हुए सीधे फर्श पर लेट गए। वे जमीन पर लेटकर गोल-गोल घूमने लगे और दोनों हाथ जोड़कर प्रशासन से गुहार लगाने लगे। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है—”न तो सरकार सुन रही है और न ही प्रशासन।”
पुलिस ने बुजुर्ग को कराया शांत
बुजुर्ग को इस तरह फर्श पर लेटे और विलाप करते देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और सुरक्षा गार्ड्स ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने बुजुर्ग को समझा-बुझाकर जमीन से उठाया और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। शिक्षा के मंदिर (स्कूल) की जमीन को भूमाफियाओं से मुक्त कराने के लिए एक बुजुर्ग का यह निरंतर संघर्ष और उनकी यह बेबसी, स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और जनसुनवाई की हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

