नीमच जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के पदभार ग्रहण करते ही अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने अभियान छेड़ दिया है। इसी अभियान के तहत मनासा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अवैध हथियार बनाने की एक फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए हथियारों और उन्हें बनाने वाले उपकरणों का पूरा जखीरा बरामद किया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अन्य नामजद आरोपी फरार है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम आंतरीमाता का रहने वाला दुर्गाशंकर सुगर मोटरसाइकिल से एक देशी पिस्टल और कारतूस लेकर मनासा की ओर आ रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सासरी फंटे पर घेराबंदी की और आरोपी दुर्गाशंकर को धर दबोचा। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक देशी पिस्टल और एक जिंदा राउंड (कारतूस) बरामद किया गया।
पूछताछ में खुला अवैध फैक्ट्री का राज
आरोपी दुर्गाशंकर को पुलिस रिमांड पर लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने बड़े राज उगले। आरोपी ने बताया कि उसने यह हथियार अपने ही गांव आंतरीमाता के निवासी नानालाल सिकलीगर से खरीदे थे। दुर्गाशंकर की निशानदेही पर पुलिस ने छिपाकर रखी गई दो अन्य देशी पिस्टल भी बरामद कर लीं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी नानालाल सिकलीगर के घर पर दबिश दी। वहां का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई घर के अंदर अवैध हथियार निर्माण का पूरा सेटअप (फैक्ट्री) संचालित किया जा रहा था।
पुलिस ने जब्त की मशीनें, अधूरे बने हथियार
- 03 अवैध देशी पिस्टल
- 02 जिंदा कारतूस
- ग्राइंडर मशीन
- वेल्डिंग मशीन
- 04 बंदूक की नाल
- मैगजीन, टेगर, स्प्रिंग, हथौड़ा, प्लायर सहित हथियार बनाने के कई अन्य उपकरण।
राजस्थान से जुड़ा तस्करी नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस फैक्ट्री से निर्मित हथियारों की सप्लाई राजस्थान सहित आसपास के कई जिलों के तस्करों को की जाती थी। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी नानालाल सिकलीगर की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद इस अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क के कई और बड़े चेहरों से नकाब उठ सकता है।






